नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। जनता दल (यूनाइटेड) ने बुधवार को अपनी नई प्रदेश टीम की घोषणा कर दी। पार्टी नेतृत्व ने नई कार्यकारिणी को संगठन को और अधिक मजबूत, सक्रिय तथा आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। नई टीम में प्रदेश उपाध्यक्ष, प्रदेश महासचिव, प्रदेश सचिव, प्रवक्ता सहित विभिन्न पदों पर कई नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। हालांकि, नई सूची जारी होने के बाद औरंगाबाद जिले में पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच निराशा का माहौल है, क्योंकि पूरी प्रदेश टीम में जिले के किसी भी नेता को स्थान नहीं मिला है।
औरंगाबाद जिला लंबे समय से जदयू की राजनीति में अपनी अलग पहचान रखता है। पंचायत से लेकर विधानसभा और लोकसभा चुनावों तक पार्टी के कार्यकर्ता लगातार संगठन को मजबूत करने में जुटे रहे हैं। इसके बावजूद प्रदेश कार्यकारिणी में जिले की अनदेखी होने से राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। कार्यकर्ताओं का मानना है कि जिले में कई ऐसे वरिष्ठ और सक्रिय नेता हैं, जिन्होंने वर्षों तक संगठन के लिए काम किया, लेकिन इस बार उन्हें कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि किसी भी दल की प्रदेश कार्यकारिणी में जिले का प्रतिनिधित्व होना संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। इससे स्थानीय कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ता है और संगठनात्मक गतिविधियों को गति मिलती है। ऐसे में औरंगाबाद को प्रतिनिधित्व नहीं मिलने से कार्यकर्ताओं में असंतोष स्वाभाविक माना जा रहा है।
कई कार्यकर्ताओं का कहना है कि संगठन को मजबूत करने में औरंगाबाद के नेताओं और कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। सदस्यता अभियान, बूथ सशक्तिकरण, जनसंपर्क कार्यक्रम तथा सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने में जिले के कार्यकर्ताओं ने लगातार सक्रिय भूमिका निभाई है। ऐसे में प्रदेश स्तर पर जिले की अनदेखी से कार्यकर्ताओं का मनोबल प्रभावित हो सकता है।