नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
रामगढ़। देश के प्रसिद्ध सिद्ध पीठ रामगढ़ के रजरप्पा स्थित छिन्नमस्तिके मंदिर परिसर में आज आषाढ़ी पूजा में विशेष आयोजन हुआ। वर्ष में एक बार होने वाले इस पूजा में मंदिर न्यास समिति एवं पंडा समाज के द्वारा विशेष पूजा अर्चना एवं शृंगार की गई। इस मौके पर 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग एवं विभिन्न ऋतु फल चढ़ाकर माँ से जनकल्याण के लिए आशीर्वाद मांगा गया।
मंदिर में विशेष पूजा करीब 1 घंटे तक चली जिसमे पारंपरिक ढोल नगाड़े और झांझ की मधुर ध्वनि पूरे मंदिर क्षेत्र में गुंजायमान रही। इस दौरान स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ दूसरे प्रदेशों के भी श्रद्धालुओं की उपस्थिति दर्ज हुई। मौके पर पंडा समाज ने माँ छिन्नमस्तिके से राज्य सहित पूरे देश में किसानों की बेहतरी के लिए साथ ही फसल की उपज और सभी के सुख शांति के लिए कामना किया।

इस मौके पर मंदिर न्यास समिति के प्रधान पुजारी सुबोध पंडा ने बताया कि साल में एक बार होने वाला यह विशेष पूजा संपन्न हुआ आज योगिनी एकादशी होने के कारण इसका महत्व बढ़ जाता है, सभी की खुशहाली के लिए विभिन्न क्षेत्रों के लोगों और श्रद्धालुओं ने माँ छिन्नमस्तिके से आज प्रार्थना किया है, चुकी मां जागृत देवी है जो भक्तों के हर मनोकामना को पूर्ण करती है भारी बारिश के बावजूद भी भक्त खड़े हैं, मां के यहां 56 प्रकार का भोग लगाया गया है।
मौके पर कोलकाता से आई एक महिला श्रद्धालु रश्मि कुमारी ने बताया कि हमने आमजन के लिए सुख शांति और आपसी सद्भावना मांग किया है क्योंकि आज के समय में या बहुत जरूरी है।
बिहार के आरा से पहुंची एक महिला श्रद्धालु ने बताया कि हम सुन रखे है कि यहां सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं मां की महिमा थी इसलिए हम आज आषाढी पूजा में शामिल हो गए हमने सभी के लिए खुशियां मांगी है।
रांची से पूजा अर्चना के लिए पहुंचे एक श्रद्धालु प्रकाश कुमार ने बताया कि मैं इस आषाढी पूजा में ही पूजा करने का मन बनाया था जो मनोकामना मेरी पूर्ण हुई, काफी अच्छा जगह है यहां पर श्रद्धालुओं को जरूर आना चाहिए क्योंकि यहां मनोकामनाएं पूर्ण होती है।
धनबाद से आए एक दूसरे श्रद्धालु सुभाष चक्रवर्ती ने बताया कि यहां आए तो पता चला कि आज आषाढी पूजा है मैं यहां मां के दर्शन के लिए आया हूं सभी ख़ुशीहाली से रहे यही मेरी कामना है।