नवबिहार टाइम्स संवाददाता
मसौढ़ी। प्रस्तावित पाटलिपुत्र सेटेलाइट टाउनशिप के लिए भूमि अधिग्रहण के विरोध में शुक्रवार को मसौढ़ी अनुमंडल परिसर में हजारों किसानों ने विशाल धरना-प्रदर्शन किया। किसान संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में मसौढ़ी, पुनपुन और नौबतपुर प्रखंडों के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान “जान दे देंगे, जमीन नहीं देंगे” और “किसान विरोधी नीति वापस लो” जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
धरना को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने कहा कि किसानों की सहमति के बिना उनकी उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अधिग्रहण के लिए चिन्हित अधिकांश भूमि दो फसली एवं सिंचित है, जो हजारों किसान परिवारों की आजीविका का प्रमुख आधार है। ऐसी स्थिति में किसानों को विस्थापित कर विकास की योजना लागू करना न्यायसंगत नहीं है।
वक्ताओं ने सरकार से मांग की कि किसी भी भूमि अधिग्रहण से पहले क्षेत्र में सड़क, बिजली, पेयजल, जल निकासी (सीवरेज) और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाए। इसके बाद किसानों के साथ व्यापक संवाद स्थापित कर उनकी सहमति से ही आगे की प्रक्रिया अपनाई जाए।
धरने में किसानों ने कई प्रमुख मांगें भी रखीं। इनमें दो फसली उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण तत्काल रोकना, जमीन की रजिस्ट्री पर लगी रोक हटाना, वर्तमान बाजार मूल्य का चार गुना मुआवजा देना, किसानों से 45 प्रतिशत भूमि लेने की व्यवस्था समाप्त करना तथा आवश्यकता के अनुसार ही सीमित भूमि का अधिग्रहण करना शामिल है।
इसके अलावा किसानों ने मांग की कि विकास परियोजनाओं में प्रभावित किसानों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, परियोजना पूरी होने तक प्रति एकड़ वार्षिक जीविकोपार्जन सहायता दी जाए तथा टाउनशिप विकसित होने के बाद व्यावसायिक भूमि एवं विकास के लाभ में किसानों की उचित हिस्सेदारी सुनिश्चित की जाए। साथ ही परियोजना के सभी विकास कार्यों के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित करने की भी मांग की गई।
कार्यक्रम का संचालन जगपती सिंह ने किया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार किसानों की मांगों की अनदेखी करती रही तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा तथा चरणबद्ध तरीके से संघर्ष तेज किया जाएगा।
धरना-प्रदर्शन में मुखिया पिंकू कुमार सिंह, मुखिया रवि कुमार, पालटन सिंह, मंजू देवी, ओम सिंह, मनीष कुमार, सुनील गावस्कर, मुन्ना पासवान, किसान नेता उमेश सिंह, धर्मेंद्र चौहान, छत्रपाल सिंह, राकेश रंजन, कुमार कंचन देवी, प्रभा देवी, विनोद सिंह, अरुण कुमार (चामूचक), मिश्रा संजय सिंह सहित किसान संघर्ष समिति के पदाधिकारी एवं हजारों किसान मौजूद रहे।
धरना के अंत में किसानों ने एक स्वर में कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को गांव-गांव तक विस्तार दिया जाएगा और जरूरत पड़ने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन भी शुरू किया जाएगा।