नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
पटना। जस्टिस वी. कामेश्वर राव की पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में नियुक्ति को अदालती गलियारों में लगातार बदलते फैसलों और प्रशासनिक फेरबदल के रूप में देखा जा रहा है। दिल्ली हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस वी. कामेश्वर राव अब पटना हाईकोर्ट के 49वें मुख्य न्यायाधीश बन गए हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनकी नियुक्ति की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है।
वह पदभार संभालने के साथ ही अपना कार्यकाल शुरू करेंगे। जस्टिस राव का जन्म 7 अगस्त 1965 को हुआ था। उन्होंने वर्ष 1991 में वकालत शुरू की और सुप्रीम कोर्ट तथा दिल्ली हाईकोर्ट में करीब 20 वर्षों तक महत्वपूर्ण मामलों की पैरवी की। सेवा मामलों, श्रम कानून, संवैधानिक और प्रशासनिक मामलों में उनकी गहरी पकड़ रही है। वर्ष 2010 में उन्हें ‘सीनियर एडवोकेट’ का सम्मान मिला। 17 अप्रैल 2013 को वे दिल्ली हाईकोर्ट के अतिरिक्त जज बने। इसके बाद कर्नाटक हाईकोर्ट में कार्य करने और कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी संभालने के बाद, अब वे पटना हाईकोर्ट के सर्वोच्च न्यायिक पद को संभालेंगे।
जस्टिस राव का साल 2024 में कर्नाटक हाईकोर्ट स्थानांतरण हुआ था। मई 2025 में उन्होंने वहां कार्यवाहक चीफ जस्टिस की कमान संभाली, लेकिन जुलाई 2025 में वे अचानक वापस दिल्ली हाईकोर्ट लौट आए। श्रम कानून, संवैधानिक और प्रशासनिक मामलों के जानकार जस्टिस राव के सामने अब पटना हाईकोर्ट के लंबित मामलों के बोझ को कम करने की बड़ी चुनौती होगी।