हेमंत सोरेन ने उन्हें अपना बड़ा भाई और मार्गदर्शक बताते हुए अश्रुपूर्ण अंतिम ‘जोहार’ अर्पित किया
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
रांची। झारखंड के नगर विकास एवं आवास, उच्च तकनीकी शिक्षा, पर्यटन कला संस्कृति खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के मंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के वरिष्ठ नेता सुदिव्य कुमार का गिरिडीह में दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ने से दुखद निधन हो गया है। कल देर रात अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया था, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके निधन से झारखंड की राजनीति में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है। सत्ता और विपक्ष दोनों खेमों के वरिष्ठ नेताओं ने उनके असामयिक निधन को राज्य के लिए एक अपूरणीय क्षति करार देते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि दी है।
गिरिडीह से लगातार दो बार विधायक और कैबिनेट मंत्री बने सुदिव्य कुमार सोनू ने पार्टी में तीन दशक तक एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में कड़ा संघर्ष किया था। झारखंड आंदोलन के शुरुआती दिनों से ही वे शिबू सोरेन (गुरुजी) के साथ चट्टान की तरह खड़े रहे और राज्य के स्वाभिमान की लड़ाई लड़ी। उच्च शिक्षा और पर्यटन जैसे महत्वपूर्ण विभागों संभालते हुए उन्होंने अपनी बौद्धिक क्षमता और जुझारू भावना से अलग पहचान बनाई।
हेमंत सोरेन ने उन्हें अपना बड़ा भाई और मार्गदर्शक बताते हुए अश्रुपूर्ण अंतिम ‘जोहार’ अर्पित किया। उन्होंने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के समर्पित सिपाही और झारखंड आंदोलन के अग्रणी संघर्षी सोनू भैया के निधन की खबर अत्यंत दुखद है। उन्होंने झारखंड आंदोलन के दौर से ही आदरणीय दिशोम गुरुजी के साथ पूरी निष्ठा और मजबूती से काम किया। अपना पूरा जीवन झारखंड की अस्मिता, अधिकार और स्वाभिमान की लड़ाई में लगाने वाले सोनू भैया का समर्पण हमेशा याद किया जाएगा। उनका जाना न केवल पार्टी के लिए, बल्कि मेरे लिए भी एक व्यक्तिगत और अपूरणीय क्षति है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें। उनके संघर्षों और सिद्धांतों को हम हमेशा जीवित रखेंगे।