जालंधर में जुटेगी किसानों की ताकत: महासभा के राष्ट्रीय सम्मेलन में तय होगी खेती और संस्कृति की नई रूपरेखा
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
काराकाट। पंजाब की ऐतिहासिक धरती जालंधर आगामी 20 और 21 सितंबर 2026 को देश भर के अन्नदाताओं के एक बड़े महाकुंभ का गवाह बनने जा रही है। देशभक्त यादगार हॉल में आयोजित होने वाले अखिल भारतीय किसान महासभा के पांचवें राष्ट्रीय सम्मेलन में लगभग 20 राज्यों से 800 से अधिक प्रतिनिधि शिरकत कर रहे हैं। काराकाट सांसद और किसान महासभा के राष्ट्रीय महासचिव राजाराम सिंह के अनुसार, आज के दौर में कॉरपोरेट नीतियों के कारण ग्रामीण भारत की आजीविका, संस्कृति और प्राकृतिक संसाधन खतरे में हैं।
ऐसे में इस दो दिवसीय मंथन का मुख्य उद्देश्य सिर्फ खेती को बचाना नहीं, बल्कि किसानों और मजदूरों के बीच अटूट एकता कायम कर देशव्यापी संघर्ष को एक नई और निर्णायक दिशा देना है। यह आयोजन संयुक्त किसान मोर्चा के बैनਰ तले चल रहे आंदोलनों को जमीनी स्तर पर और अधिक धारदार बनाएगा। सम्मेलन का भव्य समापन एक विशाल किसान रैली के साथ होगा, जो सरकार और कॉरपोरेट जगत को मजबूत एकजुटता का संदेश देगी।
काराकाट सांसद और किसान महासभा के राष्ट्रीय महासचिव राजाराम सिंह ने कहा कि बंटे हुए किसान संगठनों को एक मंच पर लाकर संयुक्त किसान मोर्चा को और ज्यादा शक्तिशाली बनाया जाएगा। आने वाले वर्षों में खेतों में काम करने वाले मजदूरों और किसानों की एक ऐसी अटूट एकता खड़ी की जाएगी, जिसे हिलाना नामुमकिन होगा। प्राकृतिक संसाधनों (जल, जंगल, जमीन) की रक्षा, खेती को विकसित करने और हमारी कृषि संस्कृति को बचाने के लिए आर-पार की रणनीति तैयार होगी।