बेताब अहमद
डालमियानगर, रोहतास। जुर्म की दुनिया और पुलिस की सक्रियता का एक और मामला सामने आया है, जहाँ चोरी के तार एक प्रतिष्ठित दुकान तक जा पहुंचे। पलामू पुलिस की सुझबूझ और स्थानीय डालमियानगर थाना के सहयोग से एक बड़े खेल का खुलासा हुआ है। कुछ दिन पहले पलामू पुलिस ने सोन नहर के पास एक घर में दबिश देकर चोरी के एक आरोपी को दबोचा था। कड़ाई से हुई पूछताछ में आरोपी ने ऐसा राज उगला, जिसने पुलिस को सीधे रोहतास जिला के डालमियानगर के रत्तू बिगहा स्थित ‘प्रमोद ज्वेलर्स’ के दरवाजे पर लाकर खड़ा कर दिया। आरोपी का दावा था कि चोरी का सारा कीमती सामान इसी दुकान पर खपाया गया है।
शनिवार को पुलिस ने सुनियोजित तरीके से प्रमोद ज्वेलर्स पर धावा बोला। दुकान के अंदर पीले रंग के प्लास्टिक बैग्स में छिपाकर रखे गए सोने और चांदी के आभूषणों का जखीरा देख पुलिस भी हैरान रह गई। तौल करवाने पर इन बरामद जेवरात का कुल वजन लगभग 6.3 किलोग्राम निकला। पुलिस ने तत्काल दुकान के संचालक प्रमोद सोनी को हिरासत में ले लिया है। पलामू पुलिस और स्थानीय डालमियानगर थानाध्यक्ष उमुश खातून के नेतृत्व में की सूझबूझ और आपसी तालमेल से यह बड़ी सफलता मिली।
अब यह जांच की जा रही है कि इस दुकान का इस चोरी के रैकेट से पुराना नाता था या यह पहला मामला है। पूछताछ के बाद कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। पुलिस अब हिरासत में लिए गए संचालक प्रमोद सोनी से यह खंगालने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, ताकि अन्य ठिकानों पर भी शिकंजा कसा जा सके। बिहार के रोहतास जिले के डालमियानगर रत्तू बिगहा क्षेत्र में झारखंड पुलिस द्वारा की गई यह छापेमारी यह दर्शाती है कि चोरी के जेवरात खपाने के लिए बिहार के स्थानीय बाजार सुरक्षित ठिकाने बनते जा रहे हैं।
पलामू झारखंड पुलिस को डालमियानगर बिहार के रत्तू बिगहा तक पहुंचने में स्थानीय मुखबिरों ने मदद की या सर्विलांस ने? क्या यह सिर्फ एक चोरी का मामला है या दो राज्यों के बीच सक्रिय कोई बड़ा चोरी का माल खपाने वाला गिरोह काम कर रहा है? दुकान के संचालक प्रमोद सोनी की साख और उसके व्यापार की वित्तीय पृष्ठभूमि की जांच होनी चाहिए। क्या चोरी के सामान को सीधे बेचा जाता था या उसे गलाकर नए आभूषणों में बदला जा रहा था ताकि पहचान न हो सके?