नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
मुजफ्फरपुर। बिहार राज्य के मुजफ्फरपुर में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब उन्होंने पुलिस की खाकी वर्दी को ही अपना हथियार बना लिया है। पुलिसिंग और ग्रामीण सुरक्षा को चुनौती देने वाली एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आयी है।
रामपुर हरि थाना क्षेत्र के परमजीवर और मदारीपुर पंचायत में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पुलिस की वर्दी पहने चार शातिर चोरों ने एक के बाद एक करीब एक दर्जन घरों में भारी तबाही मचाई। अपराधी ‘शराब जांच’ और ‘छापेमारी’ का बहाना बनाकर घरों में दाखिल हुए। ग्रामीण खाकी देखकर झांसे में आ गए, और इसी का फायदा उठाकर चोरों ने करोड़ों की चपत लगा दी।
भागवत राय और कपिल राय के घरों से नकदी और जेवरात समेटने के बाद, इन शातिर चोरों ने ग्रामीणों के मवेशियों खस्सी और बकरियों को भी नहीं छोड़ा। हद तो तब हो गई जब चोर चोरी किए गए मवेशियों को अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी में लादकर रफूचक्कर हो गए। मदारीपुर मन के पास टूटे हुए खाली बक्से मिलने से इलाके में दहशत है। हालांकि रामपुर हरि थानाध्यक्ष अंजली कुमारी का कहना है कि लिखित शिकायत नहीं मिली है, लेकिन पुलिस ने इस ‘वर्दी वाले गैंग’ की तलाश में अपनी पूरी ताकत झोंक दी
यह घटना बताती है कि ग्रामीण इलाकों में अनजान पुलिसकर्मियों की पहचान की पुष्टि करना कितना जरूरी हो गया है। अपराधियों ने न सिर्फ नकदी और आभूषणों पर हाथ साफ किया, बल्कि मवेशियों को स्कॉर्पियो में लादकर ले गए, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ होते हैं। पुलिस की वर्दी का ऐसा दुरुपयोग कानून व्यवस्था के लिए एक नया सिरदर्द बन गया है।