देव कार्तिक छठ मेला 2026 की तैयारियों एवं विधि-व्यवस्था को लेकर जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक की संयुक्त अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। आज जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा एवं पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा की संयुक्त अध्यक्षता में आगामी देव कार्तिक छठ मेला 2026 की तैयारियों एवं विधि-व्यवस्था के मद्देनजर समाहरणालय के सभाकक्ष में सभी जिला स्तरीय एवं देव प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिला पदाधिकारी ने बताया कि देव कार्तिक छठ मेला का आयोजन 13 नवंबर (नहाय- खाय) से 16 नवंबर, 2026 (प्रातः अर्ध्य) तक किया जाएगा। इस अवसर पर लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं एवं व्रतियों का आगमन होगा। इसे देखते हुए समुचित तैयारियां एवं विधि-व्यवस्था सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
जिला पदाधिकारी द्वारा देव से जुड़ने वाले सभी मार्गों की मरम्मत का कार्य तत्काल पूर्ण करने हेतु संबंधित कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के आवागमन में किसी प्रकार की कठिनाई न हो, इसके लिए सभी मार्गों को दुरुस्त करना अनिवार्य है।
जिला पदाधिकारी द्वारा कार्यपालक अभियंता, भवन प्रमंडल को निर्देश दिया गया कि अनुमंडल पदाधिकारी, औरंगाबाद, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-2, पुलिस उपाधीक्षक, यातायात, अंचल अधिकारी, देव एवं स्थानीय थाना प्रभारी, देव से विमर्श कर मेला परिसर में बैरिकेडिंग एवं ड्रॉप गेट के लिए स्थलों को चिह्नित करें तथा आवश्यकतानुसार ड्रॉप गेट का निर्माण सुनिश्चित करें।
जिला पदाधिकारी ने बताया कि छठ पर्व के अवसर पर देव आने वाले व्रतियों एवं श्रद्धालुओं के आवासन हेतु मेला क्षेत्र में समुचित व्यवस्था की जानी है। आवासन स्थलों के चयन की जिम्मेदारी प्रखंड विकास पदाधिकारी, देव एवं अंचल अधिकारी, देव को सौंपी गई।
पदाधिकारियों द्वारा बताया गया कि पूर्व की भांति इस वर्ष भी राजा जगन्नाथ उच्च विद्यालय का मैदान एवं उसका पश्चिमी भाग, थाना परिसर के समीप, संत विजय दास धर्मशाला, बहुआरा मोड़, हरिकीर्तन बिगहा, सिंचाई कॉलोनी का मैदान, चांदपुर मध्य विद्यालय का मैदान तथा नरसी गेट के पीछे दिवाकर नगर के पास आवासन स्थल बनाए जा सकते हैं। इन स्थलों पर टेंट, पंडाल, लाइटिंग, जनरेटर, दरी आदि की समुचित व्यवस्था बीआरबीसीएल, नबीनगर, एनटीपीसी, नबीनगर, श्री सीमेंट, औरंगाबाद, पंजाब नेशनल बैंक, औरंगाबाद, भारतीय स्टेट बैंक, औरंगाबाद, इंडियन बैंक, औरंगाबाद, आईसीआईसीआई बैंक, औरंगाबाद, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक, औरंगाबाद एवं अंचल अधिकारी, औरंगाबाद के सहयोग से कराई जाएगी।
मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, विशेषकर महिला पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। स्थायी एवं अस्थायी अतिक्रमणों को चिह्नित कर अविलंब हटाने का निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिया गया। विधि-व्यवस्था प्रबंधन समिति का गठन किया गया है, जिसमें अनुमंडल पदाधिकारी, औरंगाबाद एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, औरंगाबाद को दायित्व सौंपा गया है।
लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को निर्देश दिया गया कि बंद पड़े चापाकलों की मरम्मत की जाए तथा मेला अवधि में 24 घंटे पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। आवश्यकता पड़ने पर पानी के टैंकर की व्यवस्था भी की जाएगी।
चिकित्सा सुविधा हेतु सिविल सर्जन, औरंगाबाद को मेला क्षेत्र में अस्थायी चिकित्सा शिविर स्थापित करने का निर्देश दिया गया। आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने हेतु कुल 7 एंबुलेंस, स्ट्रेचर, पर्याप्त जीवनरक्षक औषधियों तथा महिला एवं पुरुष विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की जाएगी।
मेला अवधि में वाहनों की भारी आवाजाही को देखते हुए यातायात प्रबंधन समिति का गठन किया गया है। इस समिति में जिला परिवहन पदाधिकारी तथा अन्य संबंधित पदाधिकारियों को दायित्व सौंपा गया है। जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि पर्याप्त पार्किंग स्थल चिह्नित कर वाहनों की सुव्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मेला क्षेत्र में अग्निशमन वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु अग्निशमन विभाग को निर्देश दिया गया है। छठ पर्व की अवधि में सूर्यकुंड के समीप 2, थाना के समीप 2 तथा प्रखंड परिसर के समीप 1 अग्निशमन वाहन 24 घंटे उपलब्ध रहेंगे। इसके अतिरिक्त विभिन्न आवासन स्थलों पर भी अग्निशमन वाहनों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी।
आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने हेतु एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की टीम की प्रतिनियुक्ति के लिए आपदा प्रबंधन विभाग से अनुरोध किया जाएगा। दोनों सूर्यकुंड तालाबों के पास पर्याप्त संख्या में लाइफ जैकेट, गोताखोर, जाल एवं अन्य सुरक्षा उपकरणों की व्यवस्था भी अनिवार्य रूप से की जाएगी।
मेला क्षेत्र के प्रमुख स्थानों, सूर्य मंदिर के गर्भगृह एवं अर्घ्य स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाएंगे। साथ ही, मेला क्षेत्र में नियंत्रण कक्ष की स्थापना की जाएगी, जिसमें एक दंडाधिकारी एवं एक पुलिस पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। नियंत्रण कक्ष में आवश्यकता के अनुसार वॉलंटियर्स एवं एनसीसी कैडेट्स की भी प्रतिनियुक्ति की जाएगी।
बैठक में जिला पदाधिकारी द्वारा सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने स्तर से समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि देव कार्तिक छठ मेला 2026 का आयोजन सुव्यवस्थित, शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो सके।
इस अवसर पर अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, उप विकास आयुक्त कुमारी अनुपम सिंह, अपर समाहर्ता, आपदा उपेंद्र पंडित, जिला पंचायती राज पदाधिकारी इफ्तेखार अहमद, सिविल सर्जन डॉ. कृष्ण कुमार, सदर एसडीओ गौरव सिंह, सदर डीसीएलआर श्वेतांक लाल, वरीय उपसमाहर्ता रितेश कुमार यादव, जिला योजना पदाधिकारी अविनाश प्रकाश सहित सभी विभागों के कार्यपालक अभियंता, प्रखंड विकास पदाधिकारी, देव, अंचल अधिकारी, देव, मंदिर न्यास समिति के सदस्य एवं जिला स्तरीय सभी पदाधिकारी उपस्थित रहे।