बेताब अहमद
बोधगया। पावन भूमि बोधगया एक बार फिर वैश्विक शांति और अध्यात्म के केंद्र के रूप में जीवंत हो उठी है। म्यांमार से आए चार्टर्ड विमानों के जरिए सैकड़ों बौद्ध अनुयायी भगवान बुद्ध की शरण में पहुंच रहे हैं। शुक्रवार दोपहर जैसे ही यंगून से आए 167 श्रद्धालुओं ने गया जी की धरती पर कदम रखा, पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। गया जी एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय चार्टर्ड विमानों के उतरने के साथ ही स्थानीय पर्यटन उद्योग के चेहरों पर रौनक लौट आई है।
म्यांमार के यंगून से आए 167 विदेशी पर्यटकों के दल ने इस साल के बिजनेस सीजन का शंखनाद कर दिया है। हालांकि नियमित उड़ानें 25 अक्टूबर से शुरू होने की संभावना है, जिसके बाद वियतनाम समेत कई देशों के बौद्ध भिक्षु महाबोधि मंदिर में ध्यान और प्रार्थना के लिए पहुंचेंगे। एयरपोर्ट प्रशासन ने इन विदेशी अतिथियों की सेवा और सुरक्षा के लिए विशेष तैयारियां की हैं, ताकि वे अपनी इस आध्यात्मिक यात्रा को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कर सकें। लेकिन चार्टर्ड विमानों की इस शुरुआती आवाजाही ने होटल, ट्रैवल गाइड, हस्तशिल्प और स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों में भारी उत्साह भर दिया है। एयरपोर्ट निदेशक अवधेश कुमार ने बताया कि सुरक्षा और यात्रियों की सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम किए जा चुके हैं। इस सीजन में वियतनाम और अन्य दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों से रिकॉर्ड पर्यटकों के आने की उम्मीद है, जिससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को बड़ी गति मिलेगी।
एयरपोर्ट निदेशक अवधेश कुमार के अनुसार, यात्रियों की सुरक्षा और इमिग्रेशन प्रक्रियाओं को आसान बनाने के लिए प्रबंधन पूरी तरह सक्रिय है। हाल ही में म्यांमार एयरवेज इंटरनेशनल के विमान से 167 यात्री गया पहुंचे और 41 यात्री रवाना हुए। 25 अक्टूबर से नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होने का अनुमान है, जिससे वियतनाम और दक्षिण-पूर्व एशिया से आने वाले पर्यटकों को बेहतर बुनियादी ढांचा और विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकेंगी।