नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। शारदीय नवरात्र के आठवें दिन महाअष्टमी के अवसर पर मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। सुबह से ही जिले के विभिन्न दुर्गा मंदिरों और पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने मां के दर्शन-पूजन कर सुख, शांति, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा और मंदिरों में घंटियों की गूंज के साथ जय माता दी के जयकारे सुनाई देते रहे।
महाअष्टमी को नवरात्र का विशेष महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। इस दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की आराधना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां महागौरी अत्यंत शांत, सौम्य और करुणामयी स्वरूप वाली देवी हैं। उनकी पूजा करने से भक्तों के कष्ट दूर होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। मां महागौरी को पवित्रता, शांति और कल्याण का प्रतीक माना जाता है।
सुबह से ही शुरू हुआ पूजा-पाठ का सिलसिला
महाअष्टमी के अवसर पर श्रद्धालुओं ने सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण किए और मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की। भक्तों ने मां को पुष्प, फल, मिठाई और अन्य पूजन सामग्री अर्पित की। कई स्थानों पर दुर्गा सप्तशती का पाठ, मंत्रोच्चार और आरती का आयोजन किया गया। पूजा पंडालों में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमाओं के दर्शन के लिए श्रद्धालु पहुंचते रहे। महिलाओं और युवतियों में भी पूजा को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। नवरात्र की महाअष्टमी पर कन्या पूजन की भी विशेष परंपरा है। इस अवसर पर कई श्रद्धालु छोटी कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर उनकी पूजा करते हैं। कन्याओं को भोजन कराया जाता है और उपहार देकर आशीर्वाद लिया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, कन्या पूजन से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और भक्तों पर अपनी कृपा बनाए रखती हैं। कुछ श्रद्धालु अष्टमी के दिन तो कुछ नवमी तिथि पर कन्या पूजन करते हैं।
भक्ति और उत्साह से सराबोर रहा माहौल
नवरात्र को लेकर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक उत्साह का माहौल बना हुआ है। दुर्गा मंदिरों और पूजा पंडालों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। कई स्थानों पर रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों की सजावट श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही है। पूजा समितियों की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। महाअष्टमी के साथ ही नवरात्र का उत्साह चरम पर पहुंच गया है। अब श्रद्धालुओं को महानवमी और विजयादशमी का इंतजार है। भक्त मां दुर्गा से परिवार, समाज और देश की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना कर रहे हैं।