नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
मसौढ़ी। शारदीय नवरात्र की महानवमी पर शुक्रवार को मसौढ़ी के विभिन्न दुर्गा मंदिरों में सामूहिक हवन और पूर्णाहुति का भव्य आयोजन किया जा रहा है। मान्यता है कि 9 दिनों तक लगातार चलने वाली देवी आराधना की पूर्णता आज के हवन से ही होती है। मसौढ़ी के बड़ी देवी स्थान ठाकुरबाड़ी, छोटी देवी स्थान सहित सभी पूजा पंडालों में सुबह से ही हवन कुंड सज गए हैं। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालु आहुति दे रहे हैं।
पुजारी गोपाल पांडे ने बताया कि नवरात्र में 9 दिनों तक जो साधक व्रत रखकर, कलश स्थापना कर मां दुर्गा की आराधना करते हैं, उनकी साधना महानवमी के दिन पूर्णाहुति के बिना अधूरी मानी जाती है। “पूर्णाहुति का अर्थ होता है पूर्ण रूप से आहुति देना। आज के दिन हवन में नारियल, घी, जौ, तिल और आम की लकड़ी से आहुति दी जाती है। कहा जाता है कि हवन की अग्नि में जो भी आहुति दी जाती है, वह सीधे माता रानी तक पहुंचती है। 9 दिन की तपस्या, व्रत और पूजा का फल पूर्णाहुति के बाद ही प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि सामूहिक हवन में शामिल होने से घर में सुख-शांति, समृद्धि आती है, रोग-दोष और नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और परिवार पर मां की कृपा बनी रहती है।
महानवमी के हवन को लेकर महिलाओं में खास उत्साह देखा जा रहा है। सुबह से ही महिलाएं हवन सामग्री लेकर मंदिरों में पहुंच रही हैं। हवन के बाद आज कन्या पूजन और प्रसाद वितरण के साथ ही इस साल की नवरात्र पूजा का समापन हो जाएगा।