रोहतास को मिला सेहत का अनमोल तोहफा, अब सुधा डेयरी आउटलेट पर मिलेगा बकरी का दूध; जानिए इसके बेमिसाल फायदे
बेताब अहमद
डेहरी ऑन सोन, रोहतास। जिला प्रशासन और सुधा रोहतास डेयरी के संयुक्त प्रयास से स्थानीय निवासियों को स्वास्थ्य का एक बड़ा उपहार मिला है। बिहार सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को जमीन पर उतारते हुए रोहतास जिला प्रशासन ने एक नई मिसाल पेश की है। जिला अधिकारी दीपक कुमार मिश्रा के सक्रिय मार्गदर्शन और सहयोग से ‘सुधा रोहतास डेयरी प्रोजेक्ट’ के तहत बकरी के दूध की आपूर्ति शुरू कर दी गई है। यह कदम न केवल आम जनता को सेहतमंद बनाएगा, बल्कि पशुपालकों की आय बढ़ाने में भी मददगार साबित होगा। जिले में अब सुधा डेयरी प्रोजेक्ट के जरिए बकरी का दूध व्यावसायिक रूप से उपलब्ध करा दिया गया है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने में रोहतास के जिला अधिकारी दीपक कुमार मिश्रा की प्रशासनिक दूरदर्शिता और विशेष सहयोग की मुख्य भूमिका रही है।
डेयरी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अमित आनंद ने बताया कि बकरी का दूध औषधीय गुणों की खान है। छोटे वसा कणों के कारण यह सुपाच्य है और डेंगू के समय प्लेटलेट्स बढ़ाने में सबसे कारगर माना जाता है। इसके अलावा, लिवर की सुरक्षा, मजबूत इम्यूनिटी और हड्डियों के विकास के लिए यह सुपरफूड की तरह काम करता है। प्रशासन की इस पहल की स्थानीय स्तर पर काफी सराहना हो रही है।चिकित्सीय दृष्टिकोण से बकरी का दूध गाय या भैंस के दूध से कई मामलों में बेहतर है। लिवर की कमजोरी, कमजोर पाचन तंत्र, और कमजोर हड्डियों से परेशान लोगों के लिए यह डॉक्टर की सलाह जैसा असर दिखाता है। खासकर बदलते मौसम में जब डेंगू का खतरा बढ़ता है, तब प्लेटलेट्स को बनाए रखने में इसकी उपयोगिता दोगुनी हो जाती है। रोहतास प्रशासन की यह पहल सीधे तौर पर जनता के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

डेयरी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अमित आनंद ने इस पहल को जिले के लिए स्वास्थ्य क्रांति बताते हुए बकरी के दूध के कई चमत्कारी फायदे साझा किए हैं:
• डेंगू और गिरते प्लेटलेट्स में रामबाण: डेंगू या चिकनगुनिया जैसी बीमारियों में जब शरीर के प्लेटलेट्स गिरने लगते हैं, तब बकरी का दूध रिकवरी में किसी वरदान की तरह काम करता है।
• आसान पाचन: इसमें मौजूद फैट (वसा) के कण बहुत बारीक होते हैं। यही कारण है कि यह गाय के दूध की तुलना में बेहद आसानी से और जल्दी पच जाता है।
• मजबूत हड्डियां और दांत: कैल्शियम, फास्फोरस और मैग्नीशियम से भरपूर होने के कारण यह हड्डियों को भीतर से मजबूती देता है।
• लिवर के लिए संजीवनी: फैटी लिवर और हेपेटाइटिस जैसी लिवर संबंधी समस्याओं से जूझ रहे मरीजों के लिए यह एक बेहतरीन प्राकृतिक औषधि है।
• मजबूत इम्यूनिटी: बकरी के दूध में प्रचुर मात्रा में सेलेनियम और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को तेजी से बढ़ाते हैं।