18 एकड़ सरकारी जमीन की मापी के बाद कार्रवाई तेज, दस्तावेज पेश करने के लिए लोगों ने मांगा अतिरिक्त समय; पांडरपाला और ट्रैक्शन कॉलोनी में भी चलेगा अभियान
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
धनबाद। धनबाद में सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। इस बीच बारामुड़ी खटाल का मामला चर्चा में आ गया है। यहां करीब 18 एकड़ सरकारी जमीन की मापी और सर्वे के बाद प्रशासन ने 155 घरों और दुकानों को अनाधिकृत चिह्नित करते हुए संबंधित लोगों को नोटिस जारी किया है। नोटिस का जवाब देने के लिए निर्धारित 2 नवंबर की तारीख पर सोमवार को बारामुड़ी खटाल के लोग धनबाद अंचल कार्यालय पहुंचे और जमीन से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की।
खटाल वासियों का दावा है कि करीब 20 से 22 वर्ष पहले तत्कालीन उपायुक्त ने उन्हें बेकार बांध से हटाकर बारामुड़ी में बसाया था। ऐसे में अब उन्हें वहां से हटाया जाना उचित नहीं है। लोगों ने प्रशासन से अपने पक्ष में दस्तावेज जुटाने और प्रस्तुत करने के लिए और मोहलत देने की मांग की।

वहीं, धनबाद के अंचल अधिकारी रामप्रवेश कुमार ने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण को लेकर अतिक्रमणवाद की प्रक्रिया शुरू की गई है। जमीन की मापी के बाद प्रथम नोटिस जारी कर संबंधित लोगों से जवाब मांगा गया है। लोगों की मांग पर दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए समय दिया जा रहा है। हालांकि, निर्धारित समय सीमा तक वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर जमीन खाली करने का नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाने पर प्रशासन बलपूर्वक कार्रवाई करेगा।
प्रशासन की कार्रवाई केवल बारामुड़ी खटाल तक सीमित नहीं रहेगी। पांडरपाला और ट्रैक्शन कॉलोनी में भी सरकारी जमीन की मापी कर अतिक्रमित भूमि की पहचान की जा रही है। अंचल अधिकारी के अनुसार, आगे लोको टैंक, रानी बांध तालाब के आसपास और हाउसिंग कॉलोनी में भी अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।
फिलहाल बारामुड़ी खटाल के लोगों की नजर प्रशासन की ओर से दी गई मोहलत पर है। वहीं, प्रशासन यह स्पष्ट कर चुका है कि निर्धारित समय में वैध दस्तावेज नहीं मिलने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।