नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। हसपुरा थाना क्षेत्र के धुसरी मोड़ पर हुई सड़क दुर्घटना ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों पर बेलगाम दौड़ते वाहनों और ‘हिट एंड रन’ के मामलों को उजागर कर दिया है। एक लाचार बुजुर्ग, कमजोर आंखें और हाथ में लाठी… शायद वह अपनी धीमी रफ्तार से घर लौटने की उम्मीद में कदम बढ़ा रहे थे। लेकिन एनएच-120 पर रफ्तार के किसी बेकाबू सौदागर ने उनकी मजबूरियों को कुचल दिया। औरंगाबाद के हसपुरा में धुसरी मोड़ के पास गुरुवार की देर रात एक अज्ञात वाहन 65 वर्षीय राजकिशोर ठाकुर को टक्कर मारकर फरार हो गया।
जानकारी के अनुसार, राजकिशोर ठाकुर गुरुवार को दाउदनगर थाना क्षेत्र के कनाप गांव स्थित टोला छकु बिगहा में नाश्ता करने के बाद अपने घर लौट रहे थे। बताया जाता है कि उनकी दोनों आंखें कमजोर थीं और वह लाठी के सहारे पैदल चलते थे। गुरुवार की देर रात धुसरी मोड़ के पास सड़क पार करने के दौरान अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे के बाद वह सड़क पर घायल अवस्था में पड़े रहे। रात में घटना की जानकारी नहीं मिल पाने के कारण उन्हें समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका।
दर्दनाक पहलू यह है कि हादसे के बाद वह पूरी रात लहूलुहान हालत में सड़क पर ही पड़े रहे। अंधेरे और समाज की बेरुखी के कारण किसी की नजर उन पर नहीं पड़ी। अगर समय रहते उन्हें अस्पताल पहुंचा दिया जाता, तो शायद उनकी जान बच सकती थी। शुक्रवार की सुबह जब पुलिस उन्हें अस्पताल ले गई, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। तेयाप गांव स्थित उनके घर में अब कोहराम मचा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जिनके सिर से उनके बुजुर्ग का साया हमेशा के लिए उठ गया।

इस घटना ने दुर्घटना के बाद मिलने वाले ‘गोल्डन ऑवर’ (तुरंत इलाज मिलने का समय) के सिस्टम पर भी सवाल खड़े किए हैं। पूरी रात बुजुर्ग सड़क पर तड़पते रहे, जिससे साफ है कि हाईवे पर रात के समय गश्त या निगरानी की भारी कमी है। पुलिस (112) को सुबह सूचना मिली, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन सवाल वही है कि इन हादसों पर लगाम कब लगेगी?