नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
पटना। ए एम यू,ओल्ड बॉयज़ एसोसिएशन (AMUOBA), बिहार शाखा, पटना ने ए एन सिन्हा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल स्टडीज़, पटना के कॉन्फ्रेंस हॉल में ‘सर सैयद दिवस 2026’ मनाया। यह आयोजन महान शिक्षाविद, समाज सुधारक और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के संस्थापक सर सैयद अहमद खान के जीवन, उनके दृष्टिकोण और उनकी अमूल्य विरासत को याद करने के लिए किया गया था।
इस कार्यक्रम में लगभग 250 प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, पेशेवरों, पूर्व छात्रों और शुभचिंतकों ने हिस्सा लिया। इसका उद्देश्य सर सैयद के शिक्षा, ज्ञानोदय और सामाजिक प्रगति से जुड़े दूरदर्शी विचारों का सम्मान करना था। इस अवसर पर एसोसिएशन ने शिक्षा को बढ़ावा देने, पूर्व छात्रों के बीच एकजुटता मजबूत करने और सार्थक सामुदायिक सेवा को प्रोत्साहित करने के अपने संकल्प को दोहराया।

खुदा बख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी, पटना के निदेशक प्रो. मो. जाहिदुल हक और AMU छात्र संघ के पूर्व सचिव व अध्यक्ष एस. एम. अनवर हुसैन ने आमंत्रित वक्ताओं के रूप में सभा को संबोधित किया। पारस-HMRI, पटना के निदेशक डॉ. अहमद अब्दुल हाई मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि मुजफ्फरपुर में CRPF के कमांडेंट डॉ. शहरयार अहमद खान सूरी ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’ (विशिष्ट अतिथि) रहे।
सभा को संबोधित करते हुए, AMUOBA बिहार शाखा, पटना के सचिव डॉ. अमजद अली ने इस बात पर जोर दिया कि सर सैयद के आदर्शों को शैक्षिक पहलों, युवाओं के सशक्तिकरण, पूर्व छात्रों की भागीदारी और वंचित समुदायों की सेवा के माध्यम से धरातल पर उतारना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सर सैयद की विरासत आज की पीढ़ी को ज्ञान प्राप्त करने, वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने और समाज में रचनात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित करती रहनी चाहिए।
एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रो. फोजैल अहमद कादरी ने सर सैयद के शैक्षिक दर्शन की आज भी प्रासंगिकता को रेखांकित किया और ‘अलीग्स’ (AMU के पूर्व छात्रों) के बीच एकता तथा सामूहिक जिम्मेदारी के महत्व पर जोर दिया।
यह आयोजन सर सैयद अहमद खान के शिक्षा, सामाजिक जागृति और मानव विकास के मिशन को आगे बढ़ाने का एक नया आह्वान था, जो यह पुष्टि करता है कि उनका दृष्टिकोण आज के भारत के लिए भी अत्यंत प्रासंगिक है।