नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
पटना। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले नौवीं से 12वीं कक्षा तक के छात्र-छात्राओं को अब संसद की कार्यवाही को करीब से समझने और उसका हिस्सा बनने का मौका मिलेगा। युवा संसद प्रतियोगिता में विद्यार्थी प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता, स्पीकर और अलग-अलग विभागों के मंत्रियों की भूमिका निभाएंगे। बिहार शिक्षा विभाग के अंतर्गत राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने इस आयोजन को लेकर पत्र जारी किया है। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक मूल्यों, नेतृत्व क्षमता और संसदीय प्रणाली की व्यावहारिक समझ विकसित करना है।
चार स्तरों पर होगी युवा संसद प्रतियोगिता
युवा संसद प्रतियोगिता का आयोजन विद्यालय, जिला, प्रमंडल और राज्य स्तर पर किया जाएगा. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, विद्यालय स्तर की प्रतियोगिता दो से छह नवंबर तक संबंधित स्कूलों में होगी। जिला स्तर की प्रतियोगिता 18 से 20 नवंबर तक संबंधित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में आयोजित की जाएगी। प्रमंडल स्तर की प्रतियोगिता 25 और 26 नवंबर को प्रमंडल मुख्यालय के संबंधित डायट में होगी। वहीं, राज्य स्तर की प्रतियोगिता तीन और चार दिसंबर को पटना स्थित पुराने सचिवालय के अधिवेशन भवन में आयोजित करने का कार्यक्रम है।
40 मिनट के सत्र में होगी संसदीय बहस
युवा संसद का मॉक सत्र कुल 40 मिनट का होगा। इसमें 10 मिनट प्रश्नकाल के लिए निर्धारित किए गए हैं. विद्यार्थी महंगाई, अपराध, बाढ़, रोजगार और पाठ्यपुस्तकों से जुड़े मुद्दों पर सवाल-जवाब और बहस करेंगे। सत्र के दौरान विद्यार्थी स्पीकर, प्रधानमंत्री, विभिन्न विभागों के मंत्री, विपक्ष के नेता और सांसद की भूमिका निभाएंगे। सदन की व्यवस्था भी वास्तविक लोकसभा की तर्ज पर होगी। कक्ष को अर्धवृत्ताकार बनाया जाएगा, जिसमें सत्तापक्ष दाईं ओर और विपक्ष बाईं ओर बैठेगा. प्रतिभागियों को हिंदी या अंग्रेजी में अपनी बात रखने की अनुमति होगी।
100 अंकों पर होगा टीमों का मूल्यांकन
प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीमों के चयन के लिए तीन सदस्यीय निर्णायक मंडल बनाया जाएगा। मूल्यांकन कुल 100 अंकों के आधार पर होगा। इसमें भाषण की प्रस्तुति, गुणवत्ता और बहस के स्तर के लिए 30 अंक निर्धारित हैं। संसदीय प्रक्रियाओं के पालन पर 20 अंक और सवालों, पूरक प्रश्नों तथा जवाबों की गुणवत्ता पर भी 20 अंक मिलेंगे। अनुशासन और सदन की गरिमा के लिए 10 अंक, बहस के विषयों के चयन के लिए 10 अंक और समग्र प्रदर्शन के आकलन के लिए 10 अंक निर्धारित किए गए हैं।
विजेताओं को मिलेगी शील्ड, ट्रॉफी और मेडल
जिला, प्रमंडल और राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले समूह को संसदीय रनिंग शील्ड दी जाएगी। कोई स्कूल लगातार तीन वर्षों तक यह शील्ड जीतता है, तो उसे स्थायी रूप से शील्ड दिए जाने का प्रावधान है। जिला और प्रमंडल स्तर पर शीर्ष पांच टीमों को ट्रॉफी मिलेगी। व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर पांच विद्यार्थियों को मेडल या पुस्तकें दी जाएंगी। राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 50 छात्र-छात्राओं को व्यक्तिगत योग्यता पुरस्कार मिलेगा। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र भी दिया जाएगा।