सावधान! फोन पर सीबीआई या पुलिस का डर दिखाकर हो रही है लाखों की ठगी; जानें देवरिया से पकड़े गए गैंग का नया पैंतरा
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
मुजफ्फरपुर। अगर आपके पास भी किसी अनजान नंबर विशेषकर विदेशी कोड वाले नंबर से फोन आता है और सामने वाला खुद को सीबीआई या पुलिस अधिकारी बताकर आपको ‘डिजिटल अरेस्ट’ की धमकी देता है, तो डरें नहीं, बल्कि तुरंत सतर्क हो जाएं। साइबर पुलिस ने हाल ही में यूपी के देवरिया से बरियारपुर निवासी टिपू कुशवाहा को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी अधिकारी बनकर लोगों को डराता था और उनसे पैसे वसूलता था।
मुजफ्फरपुर साइबर पुलिस को ऑनलाइन ठगी के खिलाफ एक बहुत बड़ी कामयाबी मिली है। फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर लोगों को घर बैठे ‘डिजिटल अरेस्ट’ करने और उनसे लाखों रुपये ऐंठने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने एक सीक्रेट इनपुट और बैंकिंग ट्रांजैक्शन की कड़ियों को जोड़ते हुए उत्तर प्रदेश के देवरिया से इस गिरोह के मास्टरमाइंड टिपू कुशवाहा को धर दबोचा है।आरोपी बरियारपुर का रहने वाला है। जांच में जो खुलासे हुए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। ठगों के इस गिरोह के तार सिर्फ देश के अलग-अलग राज्यों में ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान और इराक जैसे देशों से भी जुड़े होने के सबूत मिले हैं। साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार के नेतृत्व में पुलिस अब इस पूरे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के तकनीकी और वित्तीय रूट को खंगाल रही है।
आरोपी के पास से अपराध में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन बरामद किया गया है। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि यह गिरोह देशव्यापी नेटवर्क चला रहा था और इसके इराक व पाकिस्तान कनेक्शन के भी प्रारंभिक इनपुट मिले हैं, जिसकी तकनीकी सेल द्वारा गहन जांच की जा रही है। मामले में शामिल अन्य सह-आरोपियों को चिह्नित कर लिया गया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्यों ने खुद को सीबीआई और पुलिस अधिकारी बताकर रागिनी देवी को फोन किया और परिवार के सदस्य की गिरफ्तारी का डर दिखाकर उनसे 3 लाख 47 हजार 999 रुपए ठग लिए। पीड़िता के खाते से ठगी गई रकम में से 2 लाख 64 हजार 748 रुपए होल्ड करा दिए गए हैं। इसे जल्द ही पीड़िता को वापस कराने की प्रक्रिया की जाएगी। साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार ने बताया कि पिछले कई दिनों से साइबर अपराधी पुलिस अधिकारी बनकर लोगों को फोन कर रहे हैं। रागिनी देवी को अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय व्हाट्सएप नंबरों से फोन किया था। साइबर थाना कांड संख्या 140/26, दिनांक 8 सितंबर 2026 को दर्ज किया गया था।
यह गिरोह पाकिस्तानी और अन्य बाहरी राज्यों के नंबरों से लोगों को कॉल करता था। जांच और गिरफ्तारी का नकली डर दिखाकर लोगों को वीडियो कॉल या फोन पर बंधक (‘डिजिटल अरेस्ट’) बना लिया जाता था। घबराहट में लोग लाखों रुपये इनके बताए खातों में ट्रांसफर कर देते थे। साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार ने जनता से अपील की है कि कोई भी कानून प्रवर्तन एजेंसी फोन पर इस तरह की कार्रवाई या पैसे की मांग नहीं करती। ऐसे मामलों की तुरंत रिपोर्ट दर्ज कराएं।