दो अलग-अलग प्रवेश-निकास द्वार और अग्निशामक यंत्र रखने के निर्देश
नवबिहार टाइम्स संवाददाता
मसौढ़ी। दुर्गा पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मसौढ़ी अनुमंडल में अग्निशमन विभाग ने पूजा पंडालों का निरीक्षण अभियान तेज कर दिया है। विभाग की टीम विभिन्न प्रमुख पूजा पंडालों में पहुंचकर अग्नि सुरक्षा से जुड़े इंतजामों की जांच कर रही है। इस दौरान पूजा समितियों और पंडाल संचालकों को सुरक्षा मानकों का पालन करने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए।
अग्निशमन पदाधिकारियों ने बताया कि दुर्गा पूजा के दौरान पंडालों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे में बिजली के अस्थायी कनेक्शन, खुले तार और ज्वलनशील सजावटी सामग्रियों के कारण आग लगने का खतरा बढ़ जाता है। छोटी-सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पूजा समितियों को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान अग्निशमन विभाग की टीम ने पंडाल संचालकों को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही के लिए प्रवेश और निकास के दो अलग-अलग रास्ते बनाए जाएं। पंडाल में अग्निशामक यंत्र की व्यवस्था अनिवार्य रूप से रखी जाए, ताकि आग लगने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
इसके अलावा बिजली के तारों को व्यवस्थित रखने, अस्थायी विद्युत कनेक्शन में विशेष सावधानी बरतने तथा पंडाल के अंदर धूम्रपान और आतिशबाजी पर पूरी तरह रोक लगाने को कहा गया। अधिकारियों ने पंडाल परिसर में बालू और पानी की पर्याप्त व्यवस्था रखने का भी निर्देश दिया।
अग्निशमन अधिकारियों ने कहा कि दुर्गा पूजा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी पूजा समितियों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करना चाहिए, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में मां दुर्गा का दर्शन और पूजा-अर्चना कर सकें।
विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया कि पूजा के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अग्निशमन विभाग अलर्ट मोड पर है। निरीक्षण अभियान का उद्देश्य संभावित अग्निकांड की आशंका को कम करना और पूजा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना है।