नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
पूर्णिया। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की विशेष टीम ने गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए भवानीपुर अंचल के अमीन प्रमोद कुमार उरांव को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी सुबह करीब 11 बजे अंचल कार्यालय परिसर के मुख्य द्वार के पास से हुई। आरोपी अमीन एक जमीन संबंधी मामले के निपटारे के एवज में रिश्वत की मांग कर रहा था, जिसकी शिकायत मिलने पर निगरानी विभाग ने जाल बिछाया था। इस अचानक हुई कार्रवाई से प्रखंड और अंचल कार्यालय के प्रशासनिक अधिकारियों व कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। निगरानी टीम आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।
जानकारी के अनुसार, नगर पंचायत भवानीपुर के माधवनगर निवासी बिलास साह अपनी जमीन की मापी कराने के लिए लंबे समय से अंचल कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे। नियम-कानून के तहत मापी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी जब उन्हें मापी रिपोर्ट नहीं मिली, तो वे परेशान हो उठे। अंचल अमीन प्रमोद कुमार उरांव ने मापी रिपोर्ट देने की एवज में खुलेआम 30 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर दी। एक आम नागरिक के लिए इतनी बड़ी रकम बिना किसी वजह के देना आसान नहीं था। थक-हारकर और तंत्र की इस अवैध मांग से तंग आकर बिलास साह ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने का फैसला किया। अमीन की इस मनमानी से तंग आकर बिलास साह ने पटना स्थित निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
मामला सामने आते ही निगरानी ब्यूरो के वरिष्ठ अधिकारियों ने गोपनीय तरीके से आरोपों का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान जब शिकायत पूरी तरह सच पाई गई, तो अमीन प्रमोद कुमार उरांव को रंगेहाथ पकड़ने के लिए एक विशेष रणनीति बनाई गई। तय सौदेबाजी के तहत अमीन 20 हजार रुपये की किश्त तुरंत लेने पर सहमत हुआ। इसके बाद निगरानी डीएसपी संतोष कुमार के नेतृत्व में एक धाकड़ टीम का गठन किया गया, जिसमें इंस्पेक्टर देवी प्रसाद गुप्ता, पवन कुमार और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। अंचल अमीन प्रमोद कुमार उरांव जैसे ही मुख्य द्वार पर एक व्यक्ति से 20 हजार रुपये की रिश्वत ले रहे थे, वैसे ही सादे कपड़ों में मुस्तैद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने उन्हें दबोच लिया। अमीन को संभलने का मौका तक नहीं मिला और उनके हाथों में नोटों की गड्डी धरी की धरी रह गई। इस हाई-प्रोफाइल ‘ट्रैप’ के बाद पूरे ब्लॉक मुख्यालय में सन्नाटा पसर गया है।
अमीन को गिरफ्तार करने के बाद निगरानी टीम उसे सुरक्षित तरीके से अंचल कार्यालय से बाहर ले गई, ताकि कानूनी प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया जा सके। निगरानी डीएसपी संतोष कुमार ने मीडिया को बताया कि इस मामले में अंचल के अन्य कर्मियों की भूमिका को भी बेहद बारीकी से खंगाला जा रहा है। अनुसंधान के दौरान अगर किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता का प्रमाण मिलता है, तो उनके खिलाफ भी बिना किसी रियायत के कड़ा कानूनी कदम उठाया जाएगा। भवानीपुर की इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आम लोग जब तक चुप रहेंगे, तब तक बिचौलिए और भ्रष्ट कर्मी उनका शोषण करते रहेंगे। इस कार्रवाई से जहां आम जनता में एक सकारात्मक संदेश गया है और न्याय की उम्मीद जगी है, वहीं अंचल दफ्तरों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर भी गहरा प्रहार हुआ है। फिलहाल गिरफ्तार अमीन को निगरानी की टीम अपने साथ ले गई है, जहां कागजी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे विशेष निगरानी अदालत में पेश किया जाएगा।