निकास द्वार पर भीड़ के दबाव से गिरीं महिलाएं, जूते-चप्पल बिखरे, युवाओं ने संभाला मोर्चा, एसडीएम बोले- स्थिति सामान्य
नवबिहार टाइम्स संवाददाता
मसौढ़ी। गांधी मैदान मसौढ़ी में रावण वध समारोह संपन्न होने के बाद घर लौटने की होड़ में मुख्य निकास द्वार पर भगदड़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए। अचानक बढ़े भीड़ के दबाव और धक्का-मुक्की के कारण कई महिलाएं गिर पड़ीं। इस घटना में चार महिलाएं जख्मी हो गईं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग अपने परिजनों की तलाश में परेशान नजर आए। सूचना मिलते ही एसडीओ धनराज कुमार और एसडीपीओ राघव दयाल मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रावण का पुतला दहन समाप्त होते ही हजारों की संख्या में लोग एक साथ मैदान से बाहर निकलने लगे। मुख्य निकास द्वार के पास सड़क की तुलना में मैदान का जमीनी स्तर नीचे होने के कारण भीड़ का दबाव बढ़ गया। इसी दौरान आगे चल रही कुछ बुजुर्ग महिलाएं लड़खड़ाकर गिर गईं और पीछे से आ रही भीड़ का दबाव उन पर पड़ गया। देखते ही देखते वहां चीख-पुकार मच गई। सड़क पर दो दर्जन से अधिक लोगों के जूते-चप्पल बिखरे पड़े थे।
घटना के दौरान स्थानीय युवाओं ने सूझबूझ का परिचय देते हुए भीड़ में फंसी महिलाओं और रोते-बिलखते बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। भारी भीड़ और सड़क पर जाम के कारण एंबुलेंस को घटनास्थल तक पहुंचने में काफी परेशानी हुई। ऐसे में स्थानीय युवकों ने घायल महिलाओं को स्कूटी से अस्पताल पहुंचाया। दो महिलाओं को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मसौढ़ी में भर्ती कराया गया, जबकि एक महिला को अनुमंडलीय अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया।
घायलों में खुशबू कुमारी, पति अंकित कुमार, निवासी चाननपुर, मसौढ़ी; गीता देवी, पति भागीरथ शर्मा, निवासी नगरनौसा, नालंदा, जो अपनी बहन के यहां संगत में आई थीं; तथा मुन्नी देवी, पति तेतराम, निवासी वार्ड नंबर नौ, डेवां, मसौढ़ी शामिल हैं। चौथी घायल महिला की पहचान नहीं हो सकी है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. रामानुज ने बताया कि उनके यहां लाई गई दोनों महिलाओं की स्थिति सामान्य है। उन्हें मामूली चोटें आई थीं। अनुमंडल प्रशासन ने भी घटना में चार महिलाओं के घायल होने की पुष्टि की है।
घटना की सूचना मिलते ही एसडीओ धनराज कुमार और एसडीपीओ राघव दयाल मौके पर पहुंचे। स्थानीय युवाओं के सहयोग से भीड़ को नियंत्रित किया गया, जिससे स्थिति को बिगड़ने से रोकने में मदद मिली। एसडीएम ने बताया कि फिलहाल स्थिति सामान्य है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना के समय बाजार से राम-जानकी का रथ भी गुजर रहा था। इसके कारण गंभीर रूप से घायल महिला को अस्पताल ले जाने के दौरान एंबुलेंस को जाम में फंसना पड़ा और काफी देर तक रास्ता नहीं मिल सका।
घटना के बाद स्थानीय नागरिकों ने आयोजन समिति और प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि इतने बड़े आयोजन में भीड़ के सुरक्षित निकास, यातायात नियंत्रण और आपातकालीन वाहनों के लिए अलग रास्ते की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए थी, ताकि इस तरह की स्थिति उत्पन्न नहीं होती।