इमामगंज में विद्युत स्पर्शाघात से मौत का मामला
नवबिहार टाइम्स संवाददाता
शेरघाटी। इमामगंज प्रखंड अंतर्गत टनकवार गांव निवासी टुन्नी देवी ने अपने पति स्वर्गीय रितेश सिंह की विद्युत स्पर्शाघात से हुई मृत्यु के बाद मुआवजा नहीं मिलने को लेकर लोक शिकायत निवारण में परिवाद दायर किया था। मामले की सुनवाई लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के समक्ष की गई, जिसमें परिवादी टुन्नी देवी एवं लोक प्राधिकार सहायक विद्युत अभियंता, विद्युत आपूर्ति अवर प्रमण्डल, इमामगंज उपस्थित हुए।
परिवाद में कहा गया कि रितेश सिंह की मृत्यु बिजली के खंभे में पहले से प्रवाहित करंट के संपर्क में आने से हुई थी, जबकि विद्युत विभाग द्वारा इसे मृतक की लापरवाही बताते हुए मुआवजा देने से इंकार कर दिया गया था। विभाग की ओर से प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में दावा किया गया कि रितेश सिंह कृषि मोटर के सर्विस तार को निम्न विभव के तार में टोका फंसाने के दौरान करंट की चपेट में आए।
हालांकि, सुनवाई के दौरान घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों ने स्पष्ट रूप से बताया कि बिजली के खंभे में पहले से करंट प्रवाहित था, जिससे रितेश सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस घटना में दो अन्य लोग भी घायल हुए थे, जो वर्तमान में जीवित हैं।
परिवादी ने आरोप लगाया कि विद्युत विभाग के अधिकारियों और कर्मियों ने चार लाख रुपये मुआवजा मिलने का झांसा देकर ग्रामीणों से संयुक्त जांच प्रतिवेदन पर गलत तथ्यों के आधार पर हस्ताक्षर कराए। अभिलेखों के सूक्ष्म अवलोकन से यह भी स्पष्ट हुआ कि मृत्यु की वास्तविक तिथि 23 जुलाई 2021 थी, जबकि जांच प्रतिवेदन में गलत तिथि अंकित की गई थी।
लोक शिकायत निवारण में यह पाया गया कि विभागीय अधिकारियों द्वारा गंभीर लापरवाही बरती गई और मामले को लंबे समय तक उलझाए रखा गया। अंततः लोक निवारण पदाधिकारी द्वारा आदेश पारित करते हुए सहायक विद्युत अभियंता, विद्युत आपूर्ति अवर प्रमण्डल, इमामगंज को मृतक के परिवार को नियमानुसार 4,00,000 रुपये मुआवजा भुगतान करने का निर्देश दिया गया।
बताया गया कि लोक शिकायत निवारण में गहन सुनवाई और जांच के बाद आम लोगों को न्याय मिलता है। इस मामले में भी सुनवाई के बाद मृतक की पत्नी टुन्नी देवी को एसडीओ द्वारा चार लाख रुपये की राशि प्रदान की गई। एसडीओ मनीष कुमार ने बताया कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण यह मामला लंबे समय से फंसा हुआ था, लेकिन सुनवाई के बाद परिजनों को न्याय और राहत मिली।