इस सम्मेलन में भारत के अलावा अन्य देशों के भी प्रतिनिधि हो रहे हैं शामिल
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। औरंगाबाद के बियाड़ा परिसर स्थित महादेवा लाल सर्राफ कॉलेज ऑफ फार्मेसी में सोमवार से दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन “फार्मा स्पेक्ट्रम-2026” का आगाज होगा। इसमें “फार्मास्युटिकल और बायोमेडिकल विज्ञान में नवाचार और भविष्य के रुझान” विषय पर चर्चा की जाएगी।
इस सम्मेलन में भारत के अलावा अन्य देशों के भी वक्ता शामिल हो रहे हैं। इनमें बुरफा विश्वविद्यालय, सेन्सूक, थाईलैंड की डॉ. तनिकन संगनिम, पोखरा विश्वविद्यालय, नेपाल के डॉ. गुलाम मुहम्मद खान, दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय, गया के प्रो. (डॉ.) विवेक दवे, रंगसिट विश्वविद्यालय, थाईलैंड के डॉ. कम्पनार्ट हुआंबुट्टा, आईआईटी-बीएचयू, वाराणसी, उत्तर प्रदेश के डॉ. दीपक कुमार, डोडोमा विश्वविद्यालय, तंजानिया गणराज्य के डॉ. रिचर्ड चेरेहानी काशिंदे, उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय, पश्चिम बंगाल की डॉ. परमिता पॉल (दुआ), मोनाश यूनिवर्सिटी मलेशिया के डॉ. ओमोटायो फटकुन, प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, ओगबोमोसो, ओयो राज्य नाइजीरिया के प्रो. (डॉ.) अजयी अयोदेजी फोलोरुनशो शामिल होंगे।

महादेवा लाल सर्राफ कॉलेज ऑफ फार्मेसी के निदेशक डॉ. ब्रजकिशोर सिंह ने कहा कि यह सम्मेलन शिक्षाविदों, उद्योग जगत के पेशेवरों, शोधकर्ताओं, वैज्ञानिक, प्रकाशकों और छात्रों के लिए विचारों का आदान-प्रदान करने, अपने निष्कर्ष प्रस्तुत करने और सार्थक सहयोग स्थापित करने के लिए एक मूल्यवान मंच प्रदान करेगा। इस आयोजन का हाइब्रिड प्रारूप सहभागिता और वैश्विक संवाद को और भी बढ़ाता है जिससे समावेशी शिक्षण और पेशेवर नेटवर्किंग को बढ़ावा मिलता है। सम्मेलन के दौरान होने वाली चर्चाएँ और विचार-विमर्श अनुसंधान की नई दिशाओं को प्रेरित करेंगे और औषधीय विज्ञान की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

वहीं एमएलएस कॉलेज ऑफ फार्मेसी की चेयरपर्सन सरिता सिंह ने कहा कि इस सम्मेलन का उद्देश्य फार्मास्युटिकल और बायोमेडिकल विज्ञान में उभरते शोध और नवोन्मेषी प्रौद्योगिकियों को उजागर करना है। यह आयोजन ज्ञान, विचारों और नवीनतम वैज्ञानिक प्रगति के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करता है। इस प्रकार के सम्मेलन स्वास्थ्य सेवा और औषधि विकास की भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह पेशेवर नेटवर्क को मजबूत करेगा और सार्थक सहयोग को प्रोत्साहित करेगा।

इस बीच एमएलएस कॉलेज ऑफ फार्मेसी के कार्यकारी निदेशक डॉ. विकास कुमार सिंह ने बताया कि सम्मेलन को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। साथ ही सम्मेलन में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों का आना भी शुरू हो गया है।