दिशा समिति की बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। आज समाहरणालय स्थित योजना भवन में सांसद एवं जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) के अध्यक्ष अभय कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में दिशा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी एवं विकासात्मक योजनाओं की विभागवार विस्तृत समीक्षा की गई। सर्वप्रथम, जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा द्वारा सांसद औरंगाबाद अभय कुमार सिन्हा का स्वागत पौधा देकर किया गया। साथ ही सभी विधायक गण का स्वागत पौधा देकर किया गया।

बैठक के दौरान सांसद एवं अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति, गुणवत्ता, लाभुकों तक पहुंच तथा लंबित मामलों से संबंधित विषय उठाए गए। संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ने, उन्नत बीज उपलब्ध कराने तथा कृषि उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों के खाते में नियमित रूप से सहायता राशि हस्तांतरित की जा रही है। किसानों को अनुदानित दर पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं तथा सूक्ष्म सिंचाई योजना, बीज वितरण कार्यक्रम एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए अभियान संचालित किए जा रहे हैं। कृषि समन्वयकों एवं कृषि सलाहकारों के माध्यम से किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। खरीफ एवं रबी फसल उत्पादन, फसल बीमा योजना तथा किसान प्रशिक्षण कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। इस संबंध में खाद आपूर्ति के विषय में जिला कृषि पदाधिकारी से सदर विधायक त्रिविक्रम नारायण सिंह द्वारा पृच्छा की गई जिसपे उनके द्वारा बताया गया की ससमय आपूर्ति हो रही है। साथ ही सांसद द्वारा जैविक खाद को बढ़ावा देने हेतु कहा गया।

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की समीक्षा के दौरान दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ऑनलाइन जमाबंदी, भूमि विवादों के निष्पादन एवं भू-सर्वेक्षण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। बताया गया कि आमजनों को समयबद्ध एवं पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाई जा रही है।
शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालयों में आधारभूत संरचना सुदृढ़ीकरण, छात्र उपस्थिति बढ़ाने तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री साइकिल योजना, पोशाक योजना एवं छात्रवृत्ति योजनाओं के लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचाए जा रहे हैं। विद्यालयों में पेयजल, शौचालय, स्मार्ट क्लास एवं अतिरिक्त कक्ष निर्माण की स्थिति की समीक्षा की गई। विद्यालयों में नामांकन वृद्धि एवं ड्रॉपआउट दर में कमी लाने के लिए विशेष अभियान चलाए जाने की जानकारी दी गई।
पंचायती राज विभाग द्वारा पंचायत सरकार भवन निर्माण, पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं के संचालन एवं ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रमों की प्रगति की जानकारी दी गई। पंचायतों में नल-जल योजना, स्वच्छता अभियान एवं सामुदायिक परिसंपत्तियों के रखरखाव की समीक्षा की गई।
पशुपालन विभाग द्वारा बताया गया कि जिले में 36 पशु चिकित्सालयों के माध्यम से पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अप्रैल 2026 तक 11,195 पशुओं का उपचार किया गया तथा 886 कृत्रिम गर्भाधान कार्य संपादित किए गए। विभाग द्वारा एफएमडी टीकाकरण के तहत 5,95,600 पशुओं, एचएस एवं बीक्यू टीकाकरण के तहत 5,67,560 पशुओं, एलएसडी टीकाकरण के तहत 3,63,123 पशुओं तथा पीपीआर टीकाकरण के तहत 2,28,496 पशुओं का टीकाकरण किए जाने की जानकारी दी गई। मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों के माध्यम से 3,561 चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।
श्रम संसाधन विभाग द्वारा बताया गया कि ई-श्रम पोर्टल पर जिले में अब तक 8,09,369 श्रमिकों का पंजीकरण किया जा चुका है, जो निर्धारित लक्ष्य का 94.79 प्रतिशत है। विभाग द्वारा असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने की दिशा में लगातार कार्य किए जाने की जानकारी दी गई।
सामाजिक सुरक्षा कोषांग द्वारा विभिन्न पेंशन योजनाओं की समीक्षा के दौरान बताया गया कि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत 67,411 लाभुक, राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के अंतर्गत 7,765 लाभुक तथा दिव्यांग पेंशन योजना के अंतर्गत 1,775 लाभुक लाभान्वित हो रहे हैं। राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 402 लाभुकों को सहायता राशि उपलब्ध कराई गई।
उद्योग विभाग द्वारा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना एवं प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की प्रगति की जानकारी दी गई। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 78 लक्ष्य के विरुद्ध 73 आवेदन स्वीकृत किए गए तथा 39 लाभुकों को ऋण वितरण किया गया। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना योजना के अंतर्गत 239 लक्ष्य के विरुद्ध 181 आवेदन स्वीकृत हुए तथा 97 लाभुकों को ऋण वितरण किया गया। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत 380 लाभुकों का कौशल सत्यापन एवं प्रशिक्षण पूर्ण किया गया तथा 173 लाभुकों को ऋण उपलब्ध कराया गया।
दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग द्वारा बताया गया कि जिले में यूनिक डिसेबिलिटी आईडी कार्ड निर्माण की प्रगति 78 प्रतिशत है। वर्ष 2025 से 14 मई 2026 तक कुल 14,580 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 11,446 यूडीआईडी कार्ड जनरेट किए जा चुके हैं। कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरण योजना के अंतर्गत 59 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 38 लाभुकों के बीच ट्राईसाइकिल, व्हील चेयर, वैशाखी एवं श्रवण यंत्र सहित अन्य उपकरण वितरित किए गए।
बाल संरक्षण इकाई द्वारा बताया गया कि परवरिश योजना के तहत 233 बच्चों एवं स्पॉन्सरशिप योजना के तहत 219 बच्चों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 1,275 लाभुकों को सहायता राशि उपलब्ध कराई गई। जिले में संचालित बाल गृहों एवं अन्य संस्थानों में बच्चों के संरक्षण एवं पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
वन विभाग द्वारा वर्ष 2026 के पौधारोपण कार्यक्रम की समीक्षा की गई। विभाग द्वारा बताया गया कि सार्वजनिक एवं वन भूमि पर कुल 3,03,700 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वर्षा ऋतु प्रारंभ होते ही पौधारोपण कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, सड़क मरम्मत एवं पुल निर्माण योजनाओं की विस्तृत समीक्षा प्रस्तुत की गई। विभाग द्वारा बताया गया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 562 योजनाओं में से 559 सड़कें पूर्ण की जा चुकी हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-III के तहत 10 योजनाओं में से 9 योजनाओं पर कार्य प्रगति पर है तथा एक सड़क पर मिट्टी कार्य एवं जीएसबी कार्य जारी है। पुल योजना के तहत 20 पुलों में से 18 पुल पूर्ण हो चुके हैं जबकि 2 पुलों पर कार्य जारी है। नाबार्ड योजना के तहत 9 पुलों में से 8 पुल पूर्ण किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना योजना के तहत 176 सड़कों में से 132 सड़कें पूर्ण तथा 31 सड़कों पर कार्य प्रगति पर है।
नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा अमृत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), शहरी जलापूर्ति एवं स्वच्छता योजनाओं की समीक्षा की गई। अमृत 1.0 के तहत 7 वार्डों में जलापूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। अमृत 2.0 के अंतर्गत 6 ओवरहेड टैंक का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है तथा 12,998 घरों में पाइपलाइन बिछाई गई है। शेष क्षेत्रों में डीप बोरिंग एवं स्टैंड पोस्ट के माध्यम से जलापूर्ति की जा रही है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत विभिन्न चरणों में कुल 684 आवास स्वीकृत किए गए, जिनमें से 650 आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत 222 आवास स्वीकृत किए गए हैं। शहरी स्वच्छता कार्यक्रम के अंतर्गत 881 व्यक्तिगत शौचालय एवं 115 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण पूर्ण किया गया।
परिवहन विभाग से संबंधित विधायक कुटुंबा ललन राम द्वारा ओवरलोड वाहन पर सख्ती रखने की बात कही गई।
बैठक में जनप्रतिनिधियों ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, गुणवत्ता नियंत्रण, पारदर्शिता एवं समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित करने पर बल दिया।
अध्यक्ष द्वारा सभी विभागों को निर्देश दिया गया कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचाना सुनिश्चित करें तथा विकास कार्यों में तेजी लाएं.
बैठक में विधायक औरंगाबाद त्रिविक्रम नारायण सिंह, विधायक ओबरा प्रकाश चन्द्रा, विधायक रफीगंज प्रमोद कुमार, विधायक कुटुंबा ललन राम, विधायक नबीनगर चेतन आनंद, विधायक गोह अमरेंद्र कुमार कुशवाहा, पुलिस अधीक्षक अंबरीष राहुल, उप विकास आयुक्त अनन्या सिंह, अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, अपर समाहर्ता आपदा उपेंद्र पंडित, जिला पंचायती राज पदाधिकारी इफ़्तेख़ार आलम, सभी विभागीय पदाधिकारी एवं अन्य जन प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।