आयुक्त ने समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। आज समाहरणालय स्थित योजना भवन सभाकक्ष में आयुक्त, मगध प्रमण्डल, गयाजी सफीना ए.एन. की अध्यक्षता में पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध की वर्तमान परिस्थितियों के परिप्रेक्ष्य में आवश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं की उपलब्धता, प्रवासी श्रमिकों के हितों की सुरक्षा तथा अन्य संबंधित विषयों पर जिला स्तरीय समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गयी।
बैठक के दौरान आयुक्त द्वारा एल०पी०जी० गैस की उपलब्धता, बुकिंग के विरुद्ध आपूर्ति की अद्यतन स्थिति, प्रतिदिन प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दी जा रही जानकारी, जिला नियंत्रण कक्ष की कार्यप्रणाली, मांग एवं उपलब्धता की स्थिति, पी०एन०जी० की प्रगति, खाद्यान्न अधिप्राप्ति की अद्यतन स्थिति, उर्वरकों की उपलब्धता तथा कालाबाजारी के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की गयी तथा समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये।
जिला पदाधिकारी द्वारा आयुक्त को अवगत कराया गया कि जिले में कुल 37 गैस एजेंसियां संचालित हैं, जिनमें आई०ओ०सी०एल० (इंडेन) की 15 एजेंसियों के माध्यम से 98,168 घरेलू एवं 350 व्यावसायिक कनेक्शन (कुल 98,518), बी०पी०सी०एल० की 11 एजेंसियों के माध्यम से 1,62,212 घरेलू एवं 481 व्यावसायिक कनेक्शन (कुल 1,62,693) तथा एच०पी०सी०एल० की 11 एजेंसियों के माध्यम से 2,27,000 घरेलू एवं 140 व्यावसायिक कनेक्शन (कुल 2,27,140) संचालित हैं। इस प्रकार जिले में कुल 4,87,380 घरेलू एवं 971 व्यावसायिक कनेक्शन सहित 4,88,351 एल०पी०जी० कनेक्शन क्रियाशील हैं।
जिले में कुल 113 पेट्रोल पम्प संचालित हैं, जिनमें आई०ओ०सी०एल० के 61, बी०पी०सी०एल० के 32, एच०पी०सी०एल० के 20 तथा रिलायंस के 02 पेट्रोल पम्प शामिल हैं, जहां पेट्रोल एवं डीजल की उपलब्धता सामान्य पायी गयी है।
जिला पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि जिले के 06 गैस एजेंसियों को अति संवेदनशील चिन्हित करते हुए वहां होम डिलीवरी सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से विशेष दण्डाधिकारी एवं पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गयी है। साथ ही शेष गैस एजेंसियों के निरीक्षण हेतु सभी प्रखण्डों में अलग-अलग दण्डाधिकारी एवं पुलिस बल की तैनाती की गयी है। गठित धावा दलों द्वारा गैस एजेंसियों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अब तक कुल 96 जांच की गयी है। एजेंसियों द्वारा उपलब्ध करायी गयी जानकारी के अनुसार वर्तमान में जिले में गैस सिलेंडर का कुल भंडार 10,312 है तथा पेट्रोल एवं डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है।
एल०पी०जी० गैस एवं पेट्रोल-डीजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु अपर समाहर्ता (जिला लोक शिकायत निवारण) की अध्यक्षता में जिला स्तरीय 24×7 नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जिसका दूरभाष संख्या 06186-295027 है। नियंत्रण कक्ष के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का त्वरित निवारण कराया जा रहा है।
जिला पदाधिकारी द्वारा यह भी बताया गया कि जिले के 11 प्रखण्डों एवं 06 नगर निकाय क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी, जमाखोरी एवं अनावश्यक मूल्य वृद्धि की रोकथाम हेतु विशेष छापेमारी दल गठित किया गया है, जिसके द्वारा नियमित जांच की जा रही है। अब तक आवश्यक वस्तुओं के मूल्य में अप्रत्याशित वृद्धि संबंधी कोई प्रतिकूल प्रतिवेदन प्राप्त नहीं हुआ है।
पी०एन०जी० की प्रगति के संबंध में बताया गया कि वर्तमान में 11 व्यावसायिक संस्थानों को चिन्हित किया गया है, जिनमें से 03 में कनेक्शन अधिष्ठापन किया जा चुका है तथा शेष में कार्य प्रगति पर है। आयुक्त महोदया द्वारा निर्देश दिया गया कि जिले के सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में पाइपलाइन के माध्यम से गैस आपूर्ति की व्यवस्था शीघ्र सुनिश्चित की जाये। आई०ओ०सी०एल० के प्रतिनिधि द्वारा अवगत कराया गया कि किये गये सर्वे के अनुसार लगभग 9000 उपभोक्ताओं को पाइपलाइन गैस आपूर्ति से जोड़ा जा सकता है, जबकि वर्तमान में 1504 घरेलू उपभोक्ता ही इस सुविधा से लाभान्वित हो रहे हैं। इस पर आयुक्त द्वारा शेष उपभोक्ताओं को प्राथमिकता के आधार पर पाइपलाइन से गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
गैस आपूर्ति से संबंधित ओ०टी०पी० एवं अन्य समस्याओं के समाधान हेतु आयुक्त द्वारा निर्देश दिया गया कि संबंधित अनुमंडलाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, थानाध्यक्ष एवं गैस एजेंसियों के प्रतिनिधि संयुक्त रूप से नियमित बैठक कर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें तथा इस संबंध में जनमानस के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाये, ताकि किसी प्रकार की अफवाह की स्थिति उत्पन्न न हो। आवश्यकतानुसार जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा भी संबंधित थाना क्षेत्रों में संयुक्त बैठक आयोजित कर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जायेगा।
जिला पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि जिले के 06 संवेदनशील गैस डिस्ट्रीब्यूटर के गोदामों पर दण्डाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गयी है तथा गैस वितरण वाहनों के साथ भी पुलिस बल की तैनाती की गयी है, जिससे निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। आई०ओ०सी०एल०, बी०पी०सी०एल० एवं एच०पी०सी०एल० के अधिकृत प्रतिनिधियों को निर्देश दिया गया कि बैकलॉग शीघ्र समाप्त करते हुए लोड बढ़ाकर गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करें।
जिला आपातकालीन संचालन केन्द्र 24×7 रोस्टरवार संचालित है, जिसका मोबाईल नंबर 9470286004 एवं दूरभाष संख्या 06186-295027 है। आपदा प्रबंधन की दृष्टि से जिले में 628 पॉलिथिन शीट, 31 गोताखोर, 13 निजी नाव, 10 हूटर, 09 लाइफ जैकेट, 01 महाजाल एवं 01 इन्फ्लेटेबल लाइट उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त विभिन्न अंचलों में कुल 50 मानव राहत शिविर तथा 33 पशु शरण स्थल चिन्हित किये गये हैं।
प्रवासी श्रमिकों के संबंध में बताया गया कि खाड़ी देशों में कार्यरत जिले के लगभग 1200 प्रवासी श्रमिकों की पहचान की गयी है, जिनमें से 05 श्रमिक हाल में अपने निजी कार्य एवं स्थानीय पर्व के अवसर पर जिले में आये हैं तथा दिनांक 03.04.2026 को पुनः कार्यस्थल लौटने वाले हैं। वर्तमान में अन्य राज्यों से बड़े पैमाने पर प्रवासी श्रमिकों के लौटने की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है। जिले की औद्योगिक इकाइयों के संचालन पर भी पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध का कोई प्रतिकूल प्रभाव परिलक्षित नहीं हुआ है तथा सभी औद्योगिक इकाइयां सुचारू रूप से संचालित हैं।
खाद्यान्न की उपलब्धता के संबंध में बताया गया कि दिनांक 30.03.2026 तक जिले के 11 प्रखण्डों के गोदामों में 7105.11 क्विंटल गेहूँ एवं 42633.88 क्विंटल चावल उपलब्ध है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत 26.89 प्रतिशत खाद्यान्न का निर्गमन किया जा चुका है। सी०एम०आर० का लक्ष्य 1,80,902 एम०टी० निर्धारित है, जिसके विरुद्ध 44,080 एम०टी० प्राप्त कर लिया गया है तथा शेष 1,38,822 एम०टी० की प्राप्ति की प्रक्रिया प्रगति पर है।
उर्वरक उपलब्धता के संबंध में बताया गया कि दिनांक 01.04.2026 तक जिले में यूरिया 23.39 एम०टी०, डी०ए०पी० 20.06 एम०टी०, एम०पी०के० 44.58 एम०टी०, एस०एस०पी० 55.09 एम०टी० एवं एम०ओ०पी० 27.57 एम०टी० उपलब्ध है।
बैठक में जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा, उप विकास आयुक्त अनन्या सिंह, अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, जिला पंचायती राज पदाधिकारी इफ्तेखार अहमद, जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्वेतांक लाल, वरीय उप समाहर्ता रितेश कुमार यादव सहित अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं इंडियन ऑयल, एल०पी०जी० तथा पी०एन०जी० से संबंधित प्रतिनिधि उपस्थित थे।