कायस्थों का समाज और देश के निर्माण में योगदान महत्वपूर्ण : सम्राट चौधरी
ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस का महादेवी वर्मा सम्मान समारोह पटना में संपन्न
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
पटना। ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस के तत्वावधान में रविवार को पटना में आयोजित महादेवी वर्मा सम्मान समारोह ने सामाजिक, बौद्धिक और सांस्कृतिक एकजुटता का एक प्रभावशाली उदाहरण प्रस्तुत किया। देश ही नहीं अन्य देशों से आए प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया।
इस गरिमामयी समारोह में बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार, रामकृपाल यादव, पूर्व केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, पूर्व मंत्री श्याम रजक, ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस के ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद, जीकेसी की प्रबंध न्यासी रागिनी रंजन, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता कमल किशोर एवं समाज के विभिन्न क्षेत्रों के विशिष्ट प्रतिनिधि शामिल हुए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. प्रेम कुमार ने कायस्थ समाज की ऐतिहासिक भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि संख्या में कम होने के बावजूद इस समाज ने राष्ट्र और समाज की प्रगति में अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कायस्थ समाज के ऐतिहासिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह समाज सदियों से शिक्षा, प्रशासन और बौद्धिक नेतृत्व के क्षेत्र में अग्रणी रहा है। कायस्थ समाज ने प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने, शिक्षा के प्रसार तथा समाज में बौद्धिक चेतना जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि कायस्थ समाज की सबसे बड़ी विशेषता उसकी शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता रही है, जिसके कारण इस समाज ने देश को अनेक विद्वान, लेखक और कुशल प्रशासक दिए हैं। उन्होंने कहा कि कायस्थ समाज और महादेवी वर्मा के योगदान को एक साथ देखने पर यह स्पष्ट होता है कि जहां एक ओर समाज ने ज्ञान और प्रशासन के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में भूमिका निभाई, वहीं महादेवी वर्मा ने साहित्य और विचारों के माध्यम से समाज को नई दिशा प्रदान की।
उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि कायस्थ समाज ने सीमित संख्या बल के बावजूद राष्ट्र निर्माण में असाधारण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि यह समाज आज भी अपनी बौद्धिक क्षमता और नेतृत्व कौशल के माध्यम से देश और समाज को दिशा देने का कार्य कर रहा है। उन्होंने इस परंपरा को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि कायस्थों ने हमेशा समाज को दिशा देने का कार्य किया है और हर दौर में बौद्धिक नेतृत्व प्रदान किया है। उनके अनुसार राजनीति से लेकर कला, संस्कृति, कानून, साहित्य, शिक्षा, उद्यमिता और पत्रकारिता जैसे सभी क्षेत्रों में कायस्थ समाज की सक्रिय और प्रभावशाली भागीदारी रही है, जो इसे विशिष्ट बनाती है।
समारोह का मुख्य आकर्षण चार विशिष्ट विभूतियों को “लाइफटाइम अचीवमेंट स्मृति शिखर सम्मान” प्रदान किया जाना रहा। इस सम्मान से अवकाश प्राप्त आईएएस अधिकारी एवं बिहार विद्यापीठ के अध्यक्ष विजय प्रकाश, नेपाल के सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश गिरीश चंद्र लाल, मेजर जनरल अनुज माथुर तथा पूर्व आईएएस अधिकारी एवं साहित्यकार श्याम जी सहाय को सम्मानित किया गया। इन सभी विभूतियों को उनके दीर्घकालिक योगदान, प्रशासनिक दक्षता, साहित्यिक साधना और समाज सेवा के लिए सम्मानित किया गया, जिसने समारोह को और अधिक गरिमामय बना दिया।
इसके साथ ही 22 प्रतिभाशाली विभूतियों को “महादेवी वर्मा सम्मान” से नवाजा गया। इन सम्मानित विभूतियों में रंजीत कर्ण, रंजन राज, मुकेश कुमार सिंह, डॉ. उर्मिला श्रीवास्तव, अरविंद कुमार गौतम, अवनीश श्रीवास्तव, रीना सोपम, डॉ. रीता दास, डॉ. सुनील कुमार चंपारनी, श्वेतांक सेल्कवाल, कुमकुम गौड़, डॉ. सरिता श्रीवास्तव, डॉ. सुशील भारती, प्रो. रणविजय सिन्हा, संतोष सुमन, उदय श्रीवास्तव, डॉ. उर्वशी श्रीवास्तव, डॉ. शिखा भटनागर, सुभाषिनी स्वरूप, डॉ. भवानी शारदे तथा डॉ. निशा पाराशर सहित अन्य नाम शामिल रहे। इन सभी को कला, संस्कृति, कानून, साहित्य, शिक्षा, राजनीति विज्ञान, उद्यमिता और पत्रकारिता जैसे विविध क्षेत्रों में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में संगठनात्मक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण चर्चाएं हुईं। जीकेसी के ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने बताया कि संगठन आज विश्व के 26 देशों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुका है और भारत के अधिकांश राज्यों में इसका विस्तार हो चुका है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में संगठन को और सशक्त बनाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
प्रदेश अध्यक्ष दीपक कुमार अभिषेक ने कहा कि यह सम्मान समारोह समाज की उन विभूतियों को पहचान देने का प्रयास है, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर समाज को गौरवान्वित किया है। वहीं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता कमल किशोर ने बताया कि इस आयोजन के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 26 हस्तियों को सम्मानित किया गया है, जो समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
कार्यक्रम में ग्लोबल महासचिव नवीन कुमार, राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष गिरीश माथुर, आदित्य नाग , हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष रजनी श्रीवास्तव, अभय सिन्हा राष्ट्रीय समन्वयक धनंजय प्रसाद, सदस्यता संयोजक निलेश रंजन, आलोक अविरल , लाला सौरभ वर्मा सहित विभिन्न राज्यों और देशों से आए प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार साझा किए और संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प दोहराया।
समारोह का सफल संचालन शिवानी गौड़ और नम्रता आनंद ने किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मृणालिनी अखौरी समेत अन्य कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी।