प्रत्येक विधा में अधिकतम 40 छात्र/छात्राओं का किया जाएगा नामांकन
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार द्वारा औरंगाबाद जिला अंतर्गत कला- संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन एवं विकास के उदेश्य से जिला में आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना की गयी है। वर्तमान में यह केंद्र महाराणा प्रताप मोड़, जिला समादेष्टा कार्यालय भवन के बगल में किराए के मकान में संचालित है।
जिले के नवोदित एवं युवा कलाकारों को सुयोग्य शिक्षकों द्वारा शास्त्रीय गायन, शास्त्रीय नृत्य (कत्थक एवं भरतनाट्यम) एवं वाद्ययंत्र (हारमोनियम/तबला/नाल) का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
संस्थान में नामांकन पहले आओ पहले पाओ के तहत प्रत्येक शिक्षक के अंतर्गत प्रत्येक विधा में अधिकतम 40 छात्र/छात्राओं का नामांकन किया जाएगा। छात्र/छात्राओं का मासिक शुल्क देय नहीं होगी, बिल्कुल निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा।
नामांकन के लिए आयु प्रमाण पत्र के रूप में जन्म तिथि का प्रमाण पत्र/आधार कार्ड देना अनिवार्य होगा साथ हीं 03 पासपोर्ट साइज का फोटोग्राफ भी देना अनिवार्य होगा। प्रशिक्षण के लिए छात्र/छात्राओं का उम्र सीमा 06 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
नृत्य प्रशिक्षण हेतु प्रशिक्षण सामग्री – घुंघरू/ड्रेस आदि छात्र/छात्राओं के द्वारा स्वयं लाना होगा। आम्रपाली प्रशिक्षण मंगलवार से रविवार तक समय 12 बजे अपराह्न से 06 बजे अपराह्न तक खुली रहेगी। सोमवार को प्रशिक्षण केंद्र बंद रहेगा।
छात्र -छात्राओं की संख्या को दृष्टिगत रखते हुए प्रशिक्षण दो सत्रों में किया जाएगा जिसकी अवधि अपराह्न 02.00 बजे से 04.00 बजे तक तथा 04.00 बजे से 06.00 भी तक होगा। छात्र/छात्राओं का नमांकन वर्ष पर्यंत किया जा सकेगा।