नवबिहार टाइम्स संवाददाता
दानापुर। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और मानसून की सक्रियता को देखते हुए दानापुर दियारा की लाइफलाइन माने जाने वाले पीपापुल को शुक्रवार से खोल दिया जाएगा। पुल हटते ही दानापुर और दियारा क्षेत्र के बीच सीधा सड़क संपर्क समाप्त हो जाएगा, जिससे सात पंचायतों की हजारों की आबादी को अगले कई महीनों तक नाव के सहारे आवागमन करना पड़ेगा।
पीपापुल हटने के बाद दियारा क्षेत्र के लोगों के लिए नवंबर तक नाव ही आवागमन का एकमात्र साधन होगी। बरसात के मौसम में नाव से सफर न केवल अधिक समय लेने वाला होता है, बल्कि यह जोखिम भरा भी माना जाता है। ऐसे में दियारा के लोगों को दानापुर आने-जाने के लिए विभिन्न घाटों पर नावों पर निर्भर रहना पड़ेगा।
पीपापुल के ठेकेदार ई. वीरेंद्र कुमार ने बताया कि विभागीय निर्देश के अनुसार 15 जून के बाद ही पुल हटाने की प्रक्रिया शुरू की जानी थी, लेकिन आम लोगों की सुविधा को देखते हुए इसे कुछ दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए अब पुल को खोलना अपरिहार्य हो गया है।
पीपापुल हटने से दानापुर प्रखंड की कासिमचक, पतलापुर, हेतनपुर, गंगहारा, पुरानी पानापुर और मानस पंचायतों के अलावा दिघवारा प्रखंड की अकिलपुर पंचायत के लोगों की दिनचर्या सबसे अधिक प्रभावित होगी। ये सभी पंचायतें मुख्य रूप से इसी पुल के माध्यम से दानापुर शहर से जुड़ी रहती हैं।
अब अस्पताल, बाजार, विद्यालय, कार्यालय और अन्य जरूरी कार्यों के लिए लोगों को नाव से गंगा पार करनी होगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के दौरान नाव से यात्रा करना चुनौतीपूर्ण होने के साथ-साथ कई बार खतरनाक भी साबित होता है।
नवंबर महीने में जलस्तर सामान्य होने के बाद पीपापुल के दोबारा चालू होने तक दियारा क्षेत्र के हजारों लोगों को इसी वैकल्पिक व्यवस्था के सहारे अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करना होगा।