नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के निर्माण के उद्देश्य से किशोरी सिन्हा महिला महाविद्यालय, औरंगाबाद में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तत्वावधान में “वन महोत्सव” का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. कुमारी गायत्री सिंह एवं एनएसएस की कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. सुष्मिता कर ने पौधारोपण कर किया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिसर को अधिक हरित एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाने का संकल्प लिया गया।

प्राचार्या डॉ. कुमारी गायत्री सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि पौधे केवल धरती की सुंदरता नहीं बढ़ाते, बल्कि मानव जीवन के अस्तित्व का आधार हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को पौधारोपण को जनआंदोलन बनाना होगा। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहें, बल्कि उनकी नियमित देखभाल भी करें ताकि वे बड़े होकर पर्यावरण की रक्षा में योगदान दे सकें। उन्होंने “पौधा लगाओ, जीवन बचाओ” का संदेश देते हुए इसे प्रत्येक नागरिक का सामाजिक दायित्व बताया।
एनएसएस की कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. सुष्मिता कर ने कहा कि वन महोत्सव केवल औपचारिक पौधारोपण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज में जागरूकता फैलाने और सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का अभियान है। उन्होंने छात्राओं से प्रकृति संरक्षण के लिए सक्रिय भागीदारी निभाने तथा अपने आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने पौधारोपण कर वृक्षों की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण तथा स्वच्छ, हरित एवं स्वस्थ भारत के निर्माण के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहने की शपथ ली।
महाविद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को पर्यावरण संरक्षण के महत्व से अवगत कराया गया तथा यह संदेश दिया गया कि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण देने के लिए आज से ही वृक्षारोपण और उनकी देखभाल को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना होगा। कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।