नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
बोधगया। मगध विश्वविद्यालय, बोधगया में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। शुक्रवार को कार्यवाहक कुलपति प्रो. दिलीप कुमार केशरी की अध्यक्षता में दूरस्थ शिक्षा निदेशालय में आयोजित विद्वत परिषद (एकेडमिक काउंसिल) की आपात बैठक में 22 विषयों के द्विवर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के प्रथम वर्ष (सेमेस्टर-1 एवं 2) की नई पाठ्यचर्या को सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई। इस निर्णय के साथ ही विश्वविद्यालय में एनईपी-2020 के अनुरूप तैयार स्नातकोत्तर पाठ्यचर्या वाले विषयों की संख्या बढ़कर 46 हो गई है।

बैठक में बताया गया कि कुलाधिपति सचिवालय, बिहार लोक भवन, पटना द्वारा 6 जुलाई 2026 को जारी पत्र के माध्यम से विषय-विशेषज्ञों द्वारा परीक्षण एवं अनुशंसा के बाद इन 22 विषयों की पाठ्यचर्याएं राज्य के सभी विश्वविद्यालयों को भेजी गई थीं। साथ ही 13 जुलाई 2026 तक संबंधित वैधानिक निकायों से अनुमोदन लेकर कृत कार्रवाई प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था। मगध विश्वविद्यालय ने निर्धारित समय-सीमा से पहले ही इस प्रक्रिया को पूरा करते हुए पाठ्यचर्या को विधिवत स्वीकृति दे दी है। विश्वविद्यालय प्रशासन शीघ्र ही इसकी रिपोर्ट कुलाधिपति सचिवालय को भेजेगा।
विद्वत परिषद ने जिन विषयों की स्नातकोत्तर पाठ्यचर्या को मंजूरी दी है, उनमें भूगोल, कार्मिक प्रबंधन एवं औद्योगिक संबंध (पीएमआईआर), जैव रसायन, बौद्ध अध्ययन, प्राचीन इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व, वनस्पति विज्ञान, सांख्यिकी, आंबेडकर विचार, अंगिका, उर्दू, राजनीति विज्ञान, बांग्ला, गृह विज्ञान, संस्कृत, अरबी, इलेक्ट्रॉनिक साइंस, पालि, शिक्षाशास्त्र, गांधी विचार, प्राकृत, ग्रामीण अर्थशास्त्र तथा ग्रामीण अध्ययन शामिल हैं।
बैठक में 2 जुलाई 2026 को आयोजित विद्वत परिषद की बैठक की कार्यवाही की भी पुष्टि की गई। उस बैठक में हिंदी, अंग्रेजी, इतिहास, मनोविज्ञान, दर्शनशास्त्र, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, वाणिज्य, गणित, भौतिकी, रसायनशास्त्र, प्राणिशास्त्र, भूविज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, लोक प्रशासन, पत्रकारिता एवं जनसंचार, फारसी, इस्लामिक अध्ययन, मैथिली, भोजपुरी, मगही, संगीत, नाट्यकला तथा मानवशास्त्र सहित 24 विषयों की स्नातकोत्तर पाठ्यचर्या को मंजूरी दी गई थी। साथ ही बिहार के विश्वविद्यालयों के लिए समरूप पीएचडी अध्यादेश एवं विनियम-2026 तथा एनईपी-2020 के अनुरूप द्विवर्षीय (चार सेमेस्टर) और एकवर्षीय (दो सेमेस्टर) स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के अध्यादेश एवं विनियम के प्रारूप को भी स्वीकृति प्रदान की गई थी।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार इन निर्णयों के बाद मगध विश्वविद्यालय तथा इसके अंगीभूत एवं संबद्ध महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर स्तर की पढ़ाई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप आधुनिक, अद्यतन एवं एकरूप पाठ्यचर्या के आधार पर संचालित होगी। इससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, समान शैक्षणिक मानक तथा उच्च शिक्षा में बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।
बैठक में कुलसचिव डॉ. बी. के. मंगलम (सदस्य सचिव), सीसीडीसी प्रो. संजय कुमार तिवारी, विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. एस. एन. पी. यादव, अध्यक्ष छात्र कल्याण प्रो. पी. के. चौधरी, गया कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सतीश सिंह चंद्रा, दाउदनगर कॉलेज के प्राचार्य प्रो. शमसुल इस्लाम सहित विभिन्न संकायों के अधिष्ठाता, स्नातकोत्तर विभागाध्यक्ष, महाविद्यालयों के प्राचार्य एवं विद्वत परिषद के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।