प्रत्येक डायलिसिस के लिए 1797 रुपए का फी निर्धारित, बिना एसी लगाए ही चालू किया गया सेंटर
डॉ. उपेंद्र कश्यप
दाउदनगर (औरंगाबाद)। अनुमंडल मुख्यालय स्थित अनुमंडलीय अस्पताल में डायलिसिस सेंटर का आरंभ गुरुवार को कर दिया गया है। इस पर लगभग 35 लाख रुपए से अधिक की राशि खर्च हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अपोलो हॉस्पिटल और बिहार सरकार के बीच हुए एग्रीमेंट के तहत यह डायलिसिस सेंटर आरंभ किया गया है। यहां एक बार में पांच मरीज का डायलिसिस एक साथ किया जा सकता है। पांच मशीन लगाई गई है, लेकिन दो ही चालू किया गया है। तीन इंस्टॉल करके छोड़ दिया गया है। लेकिन उसका कार्य आरंभ नहीं किया गया है। अनुमंडल अस्पताल द्वारा बताया गया कि मरीजों की संख्या बढ़ने पर यानी आवश्यकता होने पर अन्य तीन डायलिसिस मशीन आरंभ किए जाएंगे।
बताया गया कि प्रत्येक मशीन पांच लाख रुपये का है। 10 लाख रुपए इनको इंस्टॉल करने के साथ अन्य उपकरण पर खर्च हुआ है। हालांकि अभी तक एसी नहीं लगा है, जबकि डायलिसिस सेंटर बिना एसी के प्रायः नहीं होते। बताया गया कि एसी रास्ते में है। जल्द ही वह भी लग जाएगा।
अस्पताल के प्रबंधक ठाकुर चंदन सिंह ने बताया कि जिनके पास राशन कार्ड है। उनको डायलिसिस की सुविधा निशुल्क उपलब्ध होगी। लेकिन जिनके पास राशन कार्ड या आयुष्मान कार्ड नहीं है उनको एक बार डायलिसिस करने के लिए 1797 रुपए खर्च करना होगा। महत्वपूर्ण है कि किडनी के मरीज को डायलिसिस की जरूरत होती है और मरीज की स्थिति पर डायलिसिस की संख्या निर्भर करती है।
किसी मरीज को सप्ताह में एक बार तो किसी को दो, तो किसी को तीन बार डायलिसिस की जरूरत पड़ती है। डायलिसिस के लिए फीस लगना अलग बात है, लेकिन अनुमंडल स्तर पर डायलिसिस सेंटर आरंभ होने से किडनी के मरीजों को काफी राहत होगी। प्रथम दिन बाजार के 72 वर्षीय मरीज का डायलिसिस किया गया।
प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. शांता कुमारी ने सेंटर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर अस्पताल प्रबंधक ठाकुर चंदन सिंह, अपोलो डायलिसिस के ऑपरेशन मैनेजर एजाज अहमद, सीनियर टेक्नीशियन चंदन कुमार पटेल तथा लिपिक विकास कुमार सहित अन्य कर्मी उपस्थित रहे।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार इस सुविधा के शुरू होने से दाउदनगर और आसपास के क्षेत्रों के किडनी रोगियों को अब डायलिसिस के लिए दूर-दराज के शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर ही बेहतर और समय पर उपचार उपलब्ध होने से मरीजों का समय और आर्थिक खर्च दोनों बचेंगे।