नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। व्यवहार न्यायालय, औरंगाबाद के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव रंजन कुमार की अदालत ने वर्ष 2000 के बहुचर्चित हत्या मामले में दोषी करार दिए गए अभियुक्त नवलाख यादव (ग्राम बेला) को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने हत्या के अपराध में 50 हजार रुपये तथा आर्म्स एक्ट के तहत 5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
लोक अभियोजक अजय कुमार ने बताया कि एसटीआर संख्या-206/01 एवं मुफस्सिल थाना कांड संख्या-452/2000 में सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनते हुए यह फैसला सुनाया। न्यायालय ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी नवलाख यादव को आजीवन कारावास एवं 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी। वहीं, आर्म्स एक्ट के तहत पांच वर्ष के कारावास और 5 हजार रुपये जुर्माने की भी सजा सुनाई गई।
इस कांड के प्राथमिकी सूचक विशुनदेव यादव (ग्राम बेला) ने 29 अक्टूबर 2000 को मुफस्सिल थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी के अनुसार, उनका छोटा भाई बबन यादव रात करीब नौ बजे खेत में पानी पटा रहा था। उसी दौरान नवलाख यादव ने हथियार से गोली मारकर उसकी हत्या कर दी थी।
लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने 1 जुलाई 2026 को नवलाख यादव को हत्या का दोषी करार देते हुए न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। इसके बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई पूरी होने के उपरांत गुरुवार को अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
वहीं, इस मामले में नामजद अन्य अभियुक्त महेंद्र यादव, योगेंद्र यादव और लालदेव यादव को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में न्यायालय ने दोषमुक्त कर दिया।
करीब 25 वर्ष पुराने इस हत्या मामले में आए फैसले को लेकर न्यायालय परिसर में पूरे दिन चर्चा का माहौल बना रहा।