नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। सच्चिदानंद सिन्हा महाविद्यालय, औरंगाबाद में 80वां स्वतंत्रता दिवस सुव्यवस्थित एवं सुनियोजित ढंग से हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय परिसर में देशभक्ति का माहौल बना रहा। दिनभर विभिन्न स्थानों पर झंडोत्तोलन, महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण, एनएसएस-एनसीसी के कार्यक्रम तथा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की गईं।

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 8:20 बजे प्राचार्य आवास पर झंडोत्तोलन से हुई। इसके बाद 8:45 बजे अनुग्रह छात्रावास में झंडोत्तोलन किया गया। छात्रावास अधीक्षक अमित कुमार सिंह ने ध्वजारोहण किया। इसके बाद बिहार विभूति बाबू डॉ. अनुग्रह नारायण सिंह की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पूजा-अर्चना की गई।
सुबह 9 बजे मां सरस्वती महिला छात्रावास में छात्रावास अधीक्षक रेणु कुमारी ने झंडोत्तोलन किया। इसके बाद 9:15 बजे महाविद्यालय के संस्थापक श्री अखौरी कृष्ण प्रकाश सिन्हा की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। 9:30 बजे सच्चिदानंद सिन्हा की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद 9:40 बजे भारत माता की पूजा की गई।

एनएसएस पदाधिकारी डॉ. निहारिका कुमारी के नेतृत्व में एनएसएस के छात्र-छात्राओं तथा एनसीसी सीटीओ मनजीत कुमार की देखरेख में एनसीसी कैडेटों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
मुख्य समारोह सुबह 10 बजे महाविद्यालय परिसर स्थित सुशांत सिंह राजपूत मुक्ताकाश मंच पर आयोजित हुआ, जहां प्राचार्य डॉ. सुधीर कुमार मिश्रा ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ध्वजारोहण के बाद उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि “असमानता में समानता हमारी पहचान है, इसीलिए तो मेरा भारत महान है।”

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने वर्ष 2027 तक भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प रखा है और 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। ये लक्ष्य केवल सरकार के नहीं, बल्कि देश के 140 करोड़ नागरिकों के सामूहिक संकल्प हैं।
प्राचार्य ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर लहराता राष्ट्रीय ध्वज देश के वीर-वीरांगनाओं के त्याग और बलिदान का प्रतीक है। उन्होंने अपने संबोधन का समापन “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के उद्घोष के साथ किया।
सुबह 11 बजे पंडित जनार्दन झा दीज सभागार में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का समन्वय कल्चरल को-ऑर्डिनेटर सह विभागाध्यक्ष (BLIS) डॉ. नीतू सिंह ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. सुधीर कुमार मिश्रा ने अतिथियों के साथ दीप प्रज्वलित कर किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व प्रभारी डॉ. एस.एम. कासिम, पूर्व विभागाध्यक्ष रसायन विज्ञान डॉ. विजय कुमार सिंह, डॉ. सिद्धेश्वर सिंह एवं डॉ. रामाधार सिंह उपस्थित रहे। अतिथियों को शॉल एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीत, संगीत और नृत्य की एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। कार्यक्रम के समापन के बाद अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का मंच संचालन भीम कुमार सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. संजीव रंजन ने किया।
इस अवसर पर विभागाध्यक्ष हिंदी डॉ. अरविंद कुमार सिंह, विभागाध्यक्ष मनोविज्ञान डॉ. कमलेश कुमार सिंह, विभागाध्यक्ष राजनीतिक विज्ञान रामनारायण यादव, प्रेम शंकर गोंड, डॉ. संजीव रंजन, डॉ. योगेंद्र कुमार सिंह (पीटीआई), सहायक प्राध्यापक डॉ. नागेंद्र कुमार सिंह, डॉ. अनिल कुमार सिंह, डॉ. श्रुति, ओमप्रकाश कुमार, नीरज कुमार, अमित रंजन, छोटेलाल यादव, कौशल किशोर, मीडिया प्रभारी सह सहायक प्राध्यापक (BLIS) शशिकांत कुमार, रामकुमार भारती, प्रवीण दुबे, रमाकांत कुमार, प्रधान सहायक सौरभ सुमन, मनोज कुमार सिंह (लेखपाल), राहुल कुमार सिंह, मनीष कुमार सिंह, राजेश मिश्रा, राकेश कुमार, रमेश सिंह, सरोज सिंह, पप्पू सिंह, विकास कुमार, गोविंदा कुमार सहित महाविद्यालय के सभी शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।