नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
गोपालगंज। गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण सोमवार को जिले के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। सदर प्रखंड, कुचायकोट, मांझा और बरौली प्रखंड के करीब तीन दर्जन गांवों में गंडक नदी का पानी प्रवेश कर गया है। पानी गांवों के आसपास फैलने के बाद लोगों की परेशानी बढ़ गई है। सोमवार की सुबह से ही प्रभावित इलाकों के लोग अपने जरूरी सामान को लेकर सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की ओर जाने लगे।
ग्रामीण अपने सामान को बैलगाड़ी और ट्रैक्टर-ट्राली पर लादकर सुरक्षित स्थानों की ओर रवाना हो रहे हैं। कई परिवारों ने बाढ़ की स्थिति को देखते हुए घरों से जरूरी सामान निकालना शुरू कर दिया है।गांवों में पानी प्रवेश करने के बाद आवागमन भी प्रभावित होने लगा है। निचले हिस्सों में रहने वाले लोगों को पानी बढ़ने की चिंता सता रही है।गंडक नदी का पानी सदर प्रखंड के रामनगर गांव स्थित सरकारी स्कूल परिसर में भी प्रवेश कर गया है। वहीं, मांझा प्रखंड के निमुइया गांव स्थित सरकारी स्कूल में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है।
स्कूल परिसर में पानी आने के कारण पठन-पाठन व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीणों के अनुसार, जलस्तर में लगातार वृद्धि होने पर आसपास के अन्य इलाकों में भी पानी फैल सकता है।प्रशासन की ओर से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी का पानी लगातार बढ़ता रहा तो कई और गांवों में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर सकता है। इससे पशुओं के लिए चारा और लोगों के लिए आवागमन की समस्या भी बढ़ने की आशंका है।