परदेश से तीन दिन पहले लौटे मजदूर की संदिग्ध मौत, नशे की लत ने उजाड़ा हंसता-खेलता परिवार
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
मुजफ्फरपुर। साहेबगंज के मोरहर गांव में रविवार को एक ऐसी वारदात हुई जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। परदेश में खून-पसीना बहाकर सिर्फ तीन दिन पहले घर लौटे 50 वर्षीय वीरेंद्र राम को क्या पता था कि उनका अपना ही आशियाना मौत का जाल बन जाएगा। नशे की खूनी लत ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया। प्रारंभिक ग्रामीणों और पड़ोसियों के बयानों के अनुसार, मृतक के नशापान को लेकर पति-पत्नी के बीच मारपीट हुई थी, जिसमें दीवार से टकराने के कारण वीरेंद्र राम की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
पड़ोसियों की मानें तो मामूली कहासुनी ने भयानक रूप ले लिया और हाथापाई के दौरान पत्नी के एक धक्के ने वीरेंद्र को सीधे मौत की दीवार से टकरा दिया। वीरेंद्र की मौके पर ही सांसें थम गईं। हैरान करने वाली बात यह है कि पति की लाश को घर में छोड़कर पत्नी जलसा देवी और बेटा मौके से रफूचक्कर हो गए। चार बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया, मां और भाई पुलिस के डर से फरार हैं और बेटियां रो-रोकर बदहाल हैं। यह घटना सिर्फ एक मौत नहीं, बल्कि इस बात का जीता-जागता सबूत है कि नशा कैसे हंसते-खेलते परिवारों को पल भर में श्मशान बना देता है।
सरैया एसडीपीओ अभिजीत कौर और थानाध्यक्ष सुनील कुमार की अगुवाई में पुलिस और एफएसएल की टीमें सबूत बटोर रही हैं। क्या यह सिर्फ एक हादसा था या कोई सोची-समझी साजिश? सच अब एसकेएमसीएच की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फरार मां-बेटे की गिरफ्तारी के बाद ही सामने आएगा।