नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
खूंटी। मानव तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए खूंटी पुलिस ने चार नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित बरामद किया है। इनमें तीन लड़कियों को दिल्ली और एक को जयपुर से मुक्त कराया गया। जयपुर से बरामद लड़की करीब 11 साल से लापता थी, जबकि दिल्ली से मिली तीनों लड़कियां लगभग एक साल से अपने घरों से गायब थीं।
पुलिस जांच में सामने आया कि लड़कियों को बहला-फुसलाकर या अगवा कर दिल्ली और जयपुर ले जाया गया था, जहां प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से उनसे घरेलू काम कराया जा रहा था। एसपी ऋषभ गर्ग के निर्देश पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सभी को रेस्क्यू किया। पुलिस अब मानव तस्करी गिरोह और संबंधित प्लेसमेंट एजेंसियों की भूमिका की जांच कर रही है। सभी लड़कियों को खूंटी लाकर काउंसलिंग और बाल कल्याण समिति के माध्यम से परिजनों से मिलाने की प्रक्रिया की जा रही है।
खूंटी के एसपी ऋषभ गर्ग ने बताया कि महिला थाना प्रभारी और हातू थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने अभियान चलाकर चार युवतियों का रेस्क्यू किया है। इनमें लंबे समय से लापता युवतियां भी शामिल हैं, जिन्हें दूसरे राज्यों में घरेलू काम के नाम पर रखा गया था। एसपी के अनुसार, पिछले वर्ष दर्ज प्राथमिकी के आधार पर करीब 11 वर्षों से लापता एक युवती को बरामद किया गया. वहीं, एक सप्ताह पहले दर्ज शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक साल से लापता दो बच्चियों को भी मुक्त कराया गया। इसके अलावा, खुफिया सूचना के आधार पर घरेलू काम में फंसी चौथी युवती को भी सुरक्षित निकाला गया।
पुलिस के मुताबिक, मानव तस्करी की शिकार युवतियों से महानगरों में घरेलू काम कराया जा रहा था। कई मामलों में उनकी स्थिति बंधुआ मजदूरों जैसी थी. पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने और पुराने मामलों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। एसपी ऋषभ गर्ग ने अभिभावकों से अपील की कि यदि कोई बच्चा या बच्ची लापता हो जाता है, तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। शिकायत दर्ज कराने में देरी होने से तस्करों को साक्ष्य मिटाने और पीड़ितों को दूसरे स्थानों पर ले जाने का मौका मिल सकता है, जिससे उनकी बरामदगी और जांच में कठिनाई होती है।