बेताब अहमद
पटना। बिहार एमएलसी चुनाव के दौरान मोकामा में जेडीयू विधायक अनंत सिंह और एमएलसी नीरज कुमार के समर्थक आपस में भिड़े। पुलिस ने 6 लोगों को हिरासत में लिया। पटना स्नातक सीट पर जारी मतदान के बीच आंतरिक कलह से गरमाई सियासत। सियासत के अखाड़े में जब अपने ही अपनों के सामने ताल ठोंक दें, तो मुकाबले का रोमांच दोगुना हो जाता है। कुछ ऐसा ही नजारा बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक सीट पर देखने को मिल रहा है। जहां एक तरफ जेडीयू के सिपहसलार नीरज कुमार जीत का दावा कर रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ उन्हीं की पार्टी के बाहुबली विधायक अनंत सिंह विरोधियों का साथ दे रहे हैं। मोकामा की सड़कों पर हुई समर्थकों की यह तनातनी इस बात की गवाही दे रही है कि यह चुनाव सिर्फ वोटों का नहीं, बल्कि रसूख और वर्चस्व का भी है।
बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर हो रहे मतदान के दौरान पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र सबसे संवेदनशील केंद्र बना हुआ है। जेडीयू विधायक अनंत सिंह और एमएलसी नीरज कुमार के समर्थकों के बीच मोकामा में हुई झड़प ने सत्तारूढ़ दल के भीतर की अंदरूनी कलह को खुलकर सामने ला दिया है। एक ही पार्टी के दो बड़े नेताओं के बीच वर्चस्व की यह लड़ाई अब चुनावी मैदान से निकलकर सड़क पर संघर्ष का रूप ले चुकी है, जिस पर प्रशासन और राजनीतिक गलियारों की पैनी नजर है।

जानकारी के मुताबिक, अनंत सिंह के समर्थक राजेश सिंह और नीरज कुमार के समर्थक राहुल रंजन के बीच बहस हुई। जब मामला बढ़ा तो इसकी जानकारी पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही डीएसपी पूरी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और भीड़ को हटाया। इतना ही नहीं, इस दौरान 6 लोगों को हिरासत में भी लिया गया है। पूरे मामले को शांत कराया गया। शुक्रवार को सुबह एमएलसी प्रत्याशी नीरज कुमार मोकामा के लिए रवाना हुए थे। लेकिन इससे पहले उन्होंने विक्ट्री का साइन दिखाया था। इससे पहले चुनाव प्रचार के दौरान कई बार नीरज कुमार जीत के दावे कर चुके हैं। इस बार के एमएलसी चुनाव में पटना स्नातक हॉट सीट मानी जा रही है। यहां से जनता किसे एमएलसी चुनती है, इस पर नजर बनी हुई है। पिछले दिनों नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच विवाद देखने के लिए मिला। अनंत सिंह चुनाव में खुद की पार्टी जेडीयू के प्रत्याशी नीरज कुमार के बजाय जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह का समर्थन कर रहे हैं। अनंत सिंह ने कई तरह के आरोप नीरज कुमार पर लगाए। दूसरी तरफ, नीरज कुमार ने अनंत सिंह के आरोपों से इनकार किया।
जेडीयू के दोनों नेताओं के बीच खींचतान बढ़ता देख बैठक कर सुलह करने की कोशिश की गई, लेकिन समाधान नहीं निकल सका। इसके बाद संजय झा ने ललन सिंह को मामले को सुलझाने की जिम्मेदारी दी। ललन सिंह ने अनंत सिंह से बात भी की थी। अनंत सिंह ने नीरज कुमार के खिलाफ सार्वजनिक तौर पर बयानबाजी नहीं करने के लिए हामी भरी थी। लेकिन इसके बाद भी दोनों नेता एक-दूसरे पर बयानबाजी करते दिखे. ऐसे में आज वोटिंग की बारी है।
अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी के खिलाफ ‘विपक्ष’ की भूमिका निभाना कोई बिहार की राजनीति से सीखे! पटना स्नातक सीट पर जेडीयू के एमएलसी नीरज कुमार को हराने के लिए उनकी ही पार्टी के विधायक अनंत सिंह ने एड़ी-चोटी का जोर लगा रखा है। नतीजतन, मतदान के दिन मोकामा में समर्थकों की भिड़ंत होना तो लाजिमी था। अब देखना दिलचस्प होगा कि जनता ‘अपनों की जंग’ में किस पर भरोसा जताती है।