नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
मुजफ्फरपुर। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की मुजफ्फरपुर क्षेत्रीय इकाई ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पूर्वी चंपारण के डुमरिया घाट इलाके में एक बस से भारी मात्रा में चरस बरामद की है. जब्त चरस की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 10 करोड़ रुपये आंकी गयी है. इस दौरान टीम ने तस्करी के आरोप में पूर्वी चंपारण के केसरिया थाना क्षेत्र के बैरिया गांव निवासी राजेश कुमार सहनी को गिरफ्तार किया है. एजेंसी अब इस मामले में स्थानीय नेटवर्क और तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है.
नेपाल से गुजरात ले जायी जा रही थी चरस की खेप
प्रारंभिक जांच और डीआरआई से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी नेपाल के रास्ते चरस की खेप लेकर भारत में दाखिल हुआ था. इसके बाद बिहार के रास्ते इसे गुजरात पहुंचाने की योजना थी. तस्करी के लिए सार्वजनिक परिवहन यानी बस का इस्तेमाल किया जा रहा था, ताकि सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बचा जा सके. सूचना मिलने के बाद डीआरआई की टीम ने पूर्वी चंपारण के डुमरिया घाट इलाके में बस को रोककर कार्रवाई की और चरस की खेप बरामद की. हालांकि, उपलब्ध जानकारी में बस को रोकने की सटीक जगह और जब्त चरस की मात्रा का उल्लेख नहीं है.
इमलीचट्टी कार्यालय में आरोपी से पूछताछ
गिरफ्तारी के बाद डीआरआई की टीम आरोपी राजेश कुमार सहनी को मुजफ्फरपुर के इमलीचट्टी स्थित जोनल कार्यालय लेकर पहुंची. वहां उससे कई घंटों तक पूछताछ की गयी. प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी से तस्करी के तरीके और नेपाल के सप्लायरों के संबंध में अहम जानकारियां मिलने की बात कही गयी है.
लोकल नेटवर्क की भूमिका खंगाल रही एजेंसी
डीआरआई अब यह पता लगाने में जुटी है कि नेपाल से चरस की खेप भारत पहुंचने के बाद बिहार में उसे किसे सौंपा जाना था और आगे भेजने में किन लोगों की भूमिका थी. एजेंसी के स्तर पर केसरिया और डुमरिया घाट के आसपास के संभावित संपर्कों की जांच की जा रही है. तस्करी से जुड़े लोगों के बैंक खातों और कॉल डिटेल्स की भी जांच किए जाने की जानकारी दी गयी है. पूछताछ और आवश्यक कागजी कार्रवाई के बाद डीआरआई ने शुक्रवार को आरोपी राजेश कुमार सहनी को सक्षम न्यायालय में पेश किया. अदालत के आदेश पर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. एजेंसी मामले में आगे की जांच कर रही है.