नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
सासाराम। रैगिंग न केवल दंडनीय अपराध है बल्कि इसे एक अभिशाप के रूप में भी देखा जाता है। रैगिंग की घटनाएं छात्रों के जीवन की दशा एवं दिशा बिगाड़ देती है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा भी इसे एक जघन्य अपराध माना गया है और पूरे तरह से प्रतिबंधित है। आज नारायण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल जमुहार के व्याख्यान कक्ष में आयोजित रैगिंग निषेध सेमिनार में वक्ताओं ने उपरोक्त बातें कही।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति के सलाहकार डॉ महेंद्र कुमार सिंह, चिकित्सा निदेशक डॉ आकांक्षा सिंह, नारायण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के प्राचार्य डॉ पुनीत कुमार सिंह, चिकित्सा अधीक्षक डॉ विनोद शंकर सिंह, वरिष्ठ पत्रकार ब्रजेश पाठक, डेहरी मुफस्सिल थाना के अध्यक्ष अमित कुमार एवं चिकित्सा शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्र के एक अभिभावक प्रमोद महतो ने अपने उद्गार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के संयोजक डॉ विकास कुमार ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि नारायण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में रैगिंग की कोई घटनाएं नहीं हुई है और होने की कोई संभावना भी नहीं है। इस अवसर पर रैगिंग निषेध कमेटी के अध्यक्ष डॉ मणिकांत कुमार, छात्र कल्याण डीन डॉक्टर आलोक कुमार छात्र शाखा के प्रभारी डॉ राकेश कुमार सहायक कुल सच्ची वजह कुमार सिंह कॉलेज कार्यालय के राकेश कुमार रविंद्र कुमार आदि भी उपस्थित रहे सभी आगे अतिथियों का स्वागत डॉ वैभव कुमार श्रीवास्तव ने पुष्प पूछ देकर किया। जबकि कार्यक्रम का संचालन विश्वविद्यालय के जनसंपर्क पदाधिकारी भूपेंद्र नारायण सिंह ने किया।