नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। नवीनगर रोड रेलवे स्टेशन के पास हुआ भीषण सड़क हादसा एक बार फिर भारी वाहनों की अनियंत्रित रफ्तार और लचर कानून व्यवस्था की पोल खोलता है। एक हंसता-खेलता परिवार पल भर में बिखर गया। नवीनगर रोड रेलवे स्टेशन के पास रहने वाले स्वर्गीय ललन सिंह के घर का चिराग सोनू सिंह अब इस दुनिया में नहीं रहा। शनिवार को जब सोनू हमेशा की तरह रेलवे क्रॉसिंग पार कर रहा था, तब उसे क्या पता था कि विपरीत दिशा से काल बनकर आ रहा एक तेज रफ्तार हाइवा उसकी जिंदगी छीन लेगा। रेलवे क्रॉसिंग पार कर रहे सोनू सिंह को विपरीत दिशा से आ रहे एक हाइवा ने बेरहमी से कुचल दिया। यह दुर्घटना साफ बताती है कि व्यस्त इलाकों में भी भारी वाहनों की गति पर कोई लगाम नहीं है।
अस्पताल के डॉक्टरों ने जैसे ही सोनू को मृत घोषित किया, परिजनों की चीखों से पूरा अस्पताल परिसर गूंज उठा। जिस बेटे के सहारे मां बुढ़ापा काटने के सपने देख रही थी, आज उसका शव सड़क पर पड़ा था। रोते-बिलखते परिजनों और आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। इस हादसे ने स्थानीय ग्रामीणों के सब्र का बांध तोड़ दिया। मौत की पुष्टि होते ही आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शव को नवीनगर रोड रेलवे स्टेशन के पास सड़क पर रखकर मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया।
मौके पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। ग्रामीणों की एक ही मांग है। दोषी हाइवा चालक की तुरंत गिरफ्तारी हो और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा मिले। पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन ग्रामीणों का साफ कहना है कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक वे पीछे नहीं हटेंगे।
यह दुर्घटना साफ बताती है कि व्यस्त इलाकों में भी भारी वाहनों की गति पर कोई लगाम नहीं है। इस घटना से नाराज ग्रामीणों ने सड़क जाम कर पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों का सीधा सवाल है कि रिहायशी और रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील इलाकों में इन भारी वाहनों पर सख्ती क्यों नहीं बरती जाती? हालांकि, थानाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार उपाध्याय ने मामले की जांच और वाहन चालक के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है, लेकिन स्थानीय लोगों की मांग है कि सिर्फ जांच नहीं, बल्कि सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में कोई और ‘सोनू’ इसका शिकार न बने।