नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
आयरकोठा, रोहतास। जहाँ एक ओर पूरा इलाका शारदीय नवरात्र के पावन उल्लास में डूबा था, वहीं मनोगी बिगहा गाँव के धर्मेंद्र राम के घर में अचानक चीख-पुकार मच गई। रविवार को जब 14 वर्षीय सरस्वती कुमारी अपनी माँ का हाथ थामकर नवरात्र की कलश स्थापना के लिए जल लेने आरा लाइन नहर गई थी, तब किसी ने नहीं सोचा था कि यह उसकी अंतिम यात्रा साबित होगी। स्नान करते समय गहरे पानी ने उस इकलौती बेटी को माँ की आँखों के सामने ही अपनी आगोश में ले लिया। माँ की चीखें आज भी नहर के किनारों पर गूंज रही हैं। सोमवार की सुबह तक जब सरस्वती का कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों का सब्र टूट गया और ग्रामीणों का दर्द आक्रोश बनकर सड़क पर आ गया। त्योहार के इस पावन मौके पर आज पूरे गाँव के चूल्हे ठंडे हैं और हर आँख नम है, क्योंकि सबकी लाडली सरस्वती अब बस यादों में है।
आयर कोठा थाना क्षेत्र में एक बार फिर प्रशासनिक सुस्ती और विभागों के बीच तालमेल की कमी उजागर हुई है। साइफन के समीप आरा लाइन नहर में डूबी 14 वर्षीय किशोरी सरस्वती कुमारी का शव सोमवार दोपहर तक बरामद नहीं हो सका। स्थानीय गोताखोरों के विफल रहने के बाद भी प्रशासन ने समय रहते नहर का पानी कम कराने के लिए सिंचाई विभाग से त्वरित संपर्क नहीं साधा। इसी टालमटोल से नाराज ग्रामीणों ने डेहरी-अकोढ़ीगोला मुख्य मार्ग को जाम कर अपनी नाराजगी जाहिर की।
ग्रामीणों द्वारा मुख्य मार्ग जाम किए जाने की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष शिवम कुमार और स्थानीय मुखिया अनिल कुमार ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जाम हटा लिया, जिससे एक घंटे से बाधित यातायात तुरंत बहाल हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सिंचाई विभाग को नहर का पानी कम करने के निर्देश दे दिए गए हैं, ताकि खोजबीन आसान हो सके। हालांकि, खबर लिखे जाने तक किशोरी का शव बरामद नहीं हो सका था। टीम लगातार तलाश में जुटी हुई थी। थानाध्यक्ष शिवम कुमार ने बताया कि ग्रामीण नहर का पानी बंद कराने की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में सिंचाई विभाग को सूचना दे दी गई है। एसडीआरएफ की टीम किशोरी की तलाश में जुटी हुई है।
सवाल यह उठता है कि क्या हर हादसे के बाद ही व्यवस्था जागेगी? अगर सिंचाई विभाग और प्रशासन ने पहले ही तत्परता दिखाई होती, तो परिजनों को सड़क पर बैठकर न्याय की भीख नहीं मांगनी पड़ती।