बेताब अहमद
पटना। बिहार की आध्यात्मिक और प्राकृतिक सुंदरता अब अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों का मन मोह रही है। बिहार पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित ‘फैम टूर ऑफ लोटस ट्रायंगल-ट्रैवल टू लैंड ऑफ एनलाइटनमेंट’ के तहत थाईलैंड से आया 28 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल 21 सितंबर को राजगीर पहुंचा। बोधगया के महाबोधि मंदिर में भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली पर नतमस्तक होने और आध्यात्मिक शांति का अनुभव करने के बाद, इस दल ने राजगीर के आधुनिक और ऐतिहासिक आकर्षणों का लुत्फ उठाया।
प्रतिनिधिमंडल ने राजगीर के लोकप्रिय नेचर सफारी और रोमांचक ग्लास ब्रिज का भ्रमण किया, जो आधुनिक बिहार की पर्यटन सुविधाओं का बेहतरीन उदाहरण हैं। अपनी इस यात्रा के दौरान दल ने ऐतिहासिक विश्व शांति स्तूप और शांत वातावरण से परिपूर्ण वेणुवन का भी अवलोकन किया, जिससे उन्हें बौद्ध धर्म के इस पवित्र क्षेत्र की गहराई को महसूस करने का अवसर मिला। इस प्रकार के दौरों से बिहार की बौद्ध विरासत को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान मिल रही है, जिससे भविष्य में थाईलैंड और अन्य देशों से आने वाले पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है।

यात्रा के दौरान थाई अतिथियों ने पवित्र बोधि वृक्ष के दर्शन के साथ-साथ डूंगरेश्वरी पहाड़ी, सुजाता मंदिर, सुजाता स्तूप, थाई मंदिर, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण संग्रहालय और भव्य 80 फीट ऊंची बुद्ध प्रतिमा का अवलोकन किया। सदस्यों ने साझा किया कि यहाँ का शांत वातावरण और ऐतिहासिक गहराई उनके लिए बेहद भावनात्मक और यादगार रही है। बिहार पर्यटन विभाग द्वारा अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए विशेष ‘फैम टूर’ का आयोजन किया गया है। पर्यटन निदेशक उदयन मिश्रा ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य बौद्ध परिपथ का विकास करना और वैश्विक स्तर पर बिहार की समृद्ध विरासत का प्रचार-प्रसार करना है। इससे दोनों देशों के बीच पर्यटन और आत्मीयता के रिश्ते को और मजबूती मिलेगी।

बोधगया की पावन धरा से शुरू हुआ यह सांस्कृतिक कारवाँ अब राजगीर, नालंदा, वैशाली और पटना के ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों की ओर अग्रसर होगा, जहाँ मेहमानों को बिहार की लोक-संस्कृति और पारंपरिक आतिथ्य का सान्निध्य मिलेगा।
तय कार्यक्रम के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल सबसे पहले यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल प्राचीन नालंदा महाविहार का निरीक्षण करेगा। इसके तुरंत बाद, राजगीर स्थित विश्व शांति स्तूप और वेणुवन समेत अन्य ऐतिहासिक स्थलों का दौरा प्रस्तावित है। दौरे के अगले चरण में यह डेलिगेशन वैशाली जिले का रुख करेगा, जहां रेलिक स्तूप, विश्व शांति स्तूप और कोल्हुआ स्थित अशोक स्तंभ का भ्रमण निर्धारित किया गया है। यात्रा के अंतिम भाग में, पटना में स्थानीय पर्यटन हितधारकों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी, जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय पर्यटन विकास को बढ़ावा देना है।