नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। व्यवहार न्यायालय औरंगाबाद के जिला जज तृतीय अशोक कुमार गुप्ता ने दाउदनगर थाना कांड संख्या 132/20 में सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए एकमात्र काराधीन अभियुक्त अजय पांडेय, निवासी अरई, दाउदनगर को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अभियुक्त को भादंवि की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माना तथा आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत तीन वर्ष कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई है। जुर्माना नहीं देने पर क्रमशः छह माह और दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी तथा जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित की जाएगी।
एपीपी परशुराम सिंह ने बताया कि अभियुक्त को 24 अगस्त 2026 को दोषी करार दिया गया था। सजा के बिंदु पर दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने फैसला सुनाया।
मामले में मृतक की पत्नी गुड्डी देवी ने 13 मई 2020 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी के अनुसार घरेलू विवाद के दौरान अभियुक्त ने देशी पिस्तौल से गोली चला दी, जो उसके भाई कुंज बिहारी पांडेय की गर्दन में लगी। परिजन उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल, औरंगाबाद ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद अभियुक्त फरार हो गया था। उसने 19 जून 2020 को दाउदनगर न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था और तब से जेल में बंद है।