आठ कमरा समेत आधारभूत संरचना पर्याप्त, प्रभारी प्राचार्य, बरसर समेत तीन प्रतिनियुक्त
डॉ. उपेंद्र कश्यप
दाउदनगर (औरंगाबाद)। मदनपुर प्रखंड स्थित पीरवां उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय तथा ओबरा प्रखंड स्थित करसावां उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय में डिग्री कॉलेज का संचालन बुधवार से विधिवत आरंभ हो गया। हालांकि राजकीय डिग्री महाविद्यालय ओबरा में नामांकन 26 जून से ही आरंभ है। अभी तक मात्र पांच नामांकन हुआ है। नवस्थापित डिग्री कॉलेजों के संचालन में नामांकन की संख्या का कम होना सबसे बड़ी समस्या है। हद यह है कि राजकीय डिग्री महाविद्यालय मदनपुर में 12 कमरे हैं, लेकिन वहां एक भी नामांकन नहीं हुआ है।

डिग्री महाविद्यालय ओबरा के प्रभारी प्राचार्य डॉक्टर आकाश कुमार ने बताया कि मगध विश्वविद्यालय द्वारा जारी प्रथम मेरिट लिस्ट के तहत 11 छात्र-छात्राओं को नामांकन के लिए भेजा गया था। जिसमें मात्र पांच ने ही नामांकन लिया। हालांकि स्पॉट एडमिशन होना अभी शेष है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सेकंड मेरिट लिस्ट में कुछ नामांकन मिलने की उम्मीद डिग्री कॉलेजों को थी, लेकिन विश्वविद्यालय ने सभी 17 नव स्थापित डिग्री कॉलेज के लिए एक भी स्टूडेंट नहीं दिया। सभी को अंगीभूत या प्रस्वीकृत महाविद्यालय में भेज दिया गया।
राजकीय डिग्री महाविद्यालय ओबरा में प्रभारी प्राचार्य के पद पर दाउदनगर के सहायक प्राध्यापक डॉ. आकाश कुमार को प्रतिनियुक्त किया गया है। यहां डॉ. मो. इश्तियाक अहमद को बतौर बरसर प्रतिनियुक्त किया गया है। जबकि एक नन टीचिंग स्टाफ भी प्रति नियुक्त है। यहां स्नातक के प्रथम सेमेस्टर के लिए जो पांच बच्चे नामांकित हुए हैं उसमें तीन इतिहास के और दो हिंदी के विद्यार्थी हैं।
जानकारों का कहना है कि अगर नामांकन पर्याप्त संख्या में हो तो उनकी उपस्थिति पढ़ने पढ़ाने का माहौल निर्मित करती। सरकार पर दबाव बनता कि वह और शिक्षक यहां प्रतिनियुक्त करे। यहां कुल आठ कमरे हैं। चार शौचालय उपलब्ध हैं। पेयजल एवं अन्य सुविधा उपलब्ध है।
सिर्फ कला के लिए 288 सीट
प्रभारी प्राचार्य डा. आकाश कुमार ने बताया कि यहां सिर्फ कला की पढ़ाई होगी। इसमें भी मात्र छह विषय यथा हिंदी, अंग्रेजी, इतिहास, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान और समाजशास्त्र की पढ़ाई होगी। इन सभी छह विषयों के लिए 48-48 सीट स्वीकृत हैं। अर्थात कुल 288 सीट यहां स्वीकृत है।
फिलहाल अस्थाई भवन के लिए जमीन उपलब्ध
ओबरा प्रखंड मुख्यालय से करसावां लगभग सात किलोमीटर दूर है। अगर यह प्रखंड मुख्यालय में होता या एनएच 139 के किनारे, तो नामांकन के लिए और छात्र-छात्रा पहुंचते। फिलहाल उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय करसावां में अस्थाई तौर पर राजकीय डिग्री महाविद्यालय ओबरा को आरंभ किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार स्थाई भवन निर्माण के लिए एनएच 139 के किनारे जमीन चिन्हित किया गया है। जमीन की उपलब्धता पर अपना भवन निर्माण निर्भर है। सूत्रों का कहना है कि जुलाई 2027 तक भवन निर्माण का निर्देश सरकार ने दे रखा है।