नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। रफीगंज थाना में पदस्थापित एक एएसआई मुक्तिदेव निराला को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। आरोप है कि एएसआई ने देर रात नशे की हालत में ग्रामीणों के साथ गाली-गलौज और नोक-झोंक की, जिसका ग्रामीणों ने वीडियो बना लिया और वरीय पुलिस पदाधिकारियों से संबधित एसआई के खिलाफ कार्रवाई की मांग। ग्रामीणों का आरोप है कि दारोगा नशे में थे और लोगों से उलझने लगे। विरोध बढ़ता देख जब वह निकलने लगे तो ग्रामीणों ने उन्हें रोककर हंगामा शुरू कर दिया। बाद में आरोपी दारोगा फरार हो गए।
इधर, वीडियो के अवलोकन और शुरुआती जांच में एएसआई मुक्तिदेव निराला का आचरण अत्यंत संदिग्ध, पुलिस की छवि को धूमिल करने वाला और घोर लापरवाही का परिचायक पाया गया है। पुलिस अधीक्षक उपेंद्र नाथ वर्मा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए निलंबित कर दिया। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी के प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आरोप की पुष्टि किए जाने पर एएसआई मुक्तिदेव निराला को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और निलंबन की अवधि के दौरान उनका मुख्यालय पुलिस केन्द्र औरंगाबाद तय किया गया है।
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट रूप से कहा है कि विभागीय अनुशासन के विरुद्ध किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर बिहार में शराबबंदी की जमीनी हकीकत और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं जिस राज्य में शराब का सेवन करना कानूनन अपराध है, वहां कानून के रखवाले का ही नशे में धुत होकर ऐसी हरकत करना चिंता का विषय है।