नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
बेगूसराय। जिले के बखरी थाना क्षेत्र से मानवता को झकझोर देने वाली एक अत्यंत लज्जाजनक और गंभीर घटना सामने आई है। यहाँ एक 58 वर्षीय अधेड़ उम्र के व्यक्ति द्वारा सात साल की मासूम बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाए जाने का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस ने त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए आरोपी मनोज केशरी को गिरफ्तार कर लिया है।
पीड़िता की मां ने पुलिस को दिये आवेदन में आरोप लगाया है कि 17 सितंबर की शाम करीब सात बजे उनकी सात वर्षीय बेटी घर के बाहर सड़क पर खेल रही थी। इसी दौरान आरोपी मनोज केशरी ने बच्ची को खिलौना देने का लालच दिया और बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया।आरोप है कि घर ले जाने के बाद आरोपी ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद बच्ची डरी-सहमी रही। 18 सितंबर को उसने अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, लोक-लज्जा और सामाजिक भय के कारण परिजनों ने आपस में विचार-विमर्श करने के बाद 19 सितंबर को थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा त्वरित विधिक प्रक्रिया शुरू की गई है। पुलिस ने इस घटना के संबंध में शिकायत मिलने के तुरंत बाद बखरी थाना कांड संख्या 357/26 के तहत मामला पंजीकृत किया। पुलिस प्रशासन द्वारा दर्ज मामले में भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की धारा 4 के तहत अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
वैज्ञानिक साक्ष्य और जांच प्रक्रियान्यायिक प्रक्रिया को मजबूत बनाने और मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए घटनास्थल पर फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को भेजा गया है, ताकि भौतिक और वैज्ञानिक साक्ष्य संकलित किए जा सकें। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मेडिकल रिपोर्ट, एकत्रित साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को शामिल करते हुए एक सुदृढ़ आरोप पत्र (चार्जशीट) तैयार किया जा रहा है ताकि न्यायालय में मामले का निष्पक्ष और त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके।
पुलिस के अनुसार, मामले में उपलब्ध साक्ष्यों, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य अहम तथ्यों को जांच का मुख्य आधार बनाया जा रहा है, ताकि दोषियों पर सख्त और कानूनी कार्रवाई की जा सके।वहीं, पीड़ित बच्ची की गोपनीयता पहचान गुप्त का पूरा ध्यान रखते हुए, उसे महिला पुलिस अधिकारियों की देखरेख में मेडिकल परीक्षण के लिए सदर अस्पताल बेगूसराय भेजा गया है। पुलिस हर एक पहलू की गहराई से जांच कर रही है और नियमों के तहत निष्पक्ष व आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दे रही है।
बेटी मां से बात करते हुए बताती है कि मैं तो बस अपने घर के बाहर, उस ठंडी शाम को अपनी दुनिया में मगन खेल रही थी। तभी एक अंकल आए, जिन्हें मैं जानती थी मनोज अंकल। उन्होंने मुझे एक प्यारा सा खिलौना दिखाने का लालच दिया और कहा, “चलो बेटा, तुम्हें एक अच्छी सी चीज़ देता हूँ।” मैं तो बच्ची हूँ, मुझे क्या पता था कि खिलौने के पीछे कोई इतना डरावना धोखा भी हो सकता है। मैं उनकी मीठी बातों में आकर उनके साथ उनके घर चली गई। लेकिन उस घर के अंदर जो हुआ, उसने मेरी हँसी, मेरी खुशी और मेरे अंदर की सारी रोशनी जैसे छीन ली। उस अंधेरे कमरे में मेरे साथ जो हुआ, उसके बाद से मैं बुरी तरह डर गई। मेरा कुछ भी बोलने का मन नहीं कर रहा था, बस अंदर ही अंदर काँप रही थी।