बेताब अहमद
सासाराम। संतान की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए रखा जाने वाला महापर्व जीवित्पुत्रिका (जिउतिया) 3 अक्टूबर को पूरे रोहतास जिले में श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। इस पावन अवसर पर जब माताएँ करमचट डैम और जिले की पवित्र नदियों-नहरों के किनारे अर्घ्य और स्नान के लिए पहुंचेंगी, तो उनकी सुरक्षा में कोई कमी न रहे, इसके लिए जिला प्रशासन ने विशेष अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से भक्तिमय माहौल में सुरक्षित तरीके से पर्व मनाने का आग्रह किया है। 3 अक्टूबर को नदियों, तालाबों और करमचट डैम (दुर्गावती जलाशय) पर उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा का एक सुरक्षात्मक घेरा तैयार किया है। प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए माताओं और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे पूजा के दौरान सावधानी बरतें, ताकि इस पावन त्योहार की खुशियाँ सुरक्षित और दोगुनी हो सकें।
जीवित्पुत्रिका पर्व के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं द्वारा जलाशयों,तालाबों, नहर, नदियों जैसे-सोन नदी, काव नदी एवं अन्य जलस्रोतों के आसपास पूजा-अर्चना एवं स्नान किए जाने की संभावना रहती है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा लोगों से अपील की गई है कि जलस्रोतों के आसपास विशेष सावधानी बरतें तथा किसी भी प्रकार का जोखिम न लें। प्रशासन द्वारा विशेष रूप से निर्देश दिया गया है कि स्नान, कपड़े धोने अथवा अन्य किसी कार्य के लिए जलाशय , नदी,तालाब,नहर के गहरे पानी में प्रवेश न करें। बच्चों को जलाशय एवं अन्य जलस्रोतों के पास अकेले न जाने दें तथा मवेशियों को भी जलाशय के किनारे ले जाने से बचें।
जिला प्रशासन की अपील एवं महत्वपूर्ण सुरक्षा निर्देश
मगरमच्छ दिखाई देने पर सुरक्षित दूरी बनाए रखें:- यदि पानी के किनारे अथवा आसपास मगरमच्छ दिखाई दे तो उसके पास जाने, उसे छूने, पकड़ने, भगाने, उकसाने अथवा किसी प्रकार की छेड़छाड़ करने का प्रयास न करें। तत्काल सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। मगरमच्छ से संबंधित किसी भी सूचना की पुष्टि किए बिना अफवाह न फैलाएं। किसी घटना अथवा मगरमच्छ की मौजूदगी की सूचना मिलने पर तत्काल संबंधित प्रशासनिक पदाधिकारी/आपदा प्रबंधन शाखा को सूचित करें।
मगरमच्छ की तस्वीर लेने के लिए नजदीक न जाएं:- मगरमच्छ दिखाई देने पर उसके करीब जाकर फोटो या वीडियो बनाने का प्रयास न करें। सोशल मीडिया पर फोटो/वीडियो बनाने के लिए स्वयं की सुरक्षा को खतरे में न डालें। मवेशियों को जलाशय, नदी, तालाब, नहर अथवा ऐसे जलक्षेत्रों के किनारे न ले जाएं, जहां मगरमच्छ की मौजूदगी की सूचना प्राप्त हुई हो।

गहरे पानी में जाने से बचें:- जीवित्पुत्रिका पर्व के दौरान स्नान अथवा अन्य धार्मिक कार्यों के लिए जलाशय,नदी,तालाब नहर के गहरे हिस्से में जाने से पूरी तरह बचें। केवल सुरक्षित एवं निर्धारित स्थानों का ही उपयोग करें। बच्चों को जलाशय, नदी, तालाब,नहर या अन्य जलस्रोतों के पास अकेले न जाने दें। पर्व के दौरान बच्चों पर विशेष निगरानी रखें। जलाशय एवं उसके आसपास के क्षेत्रों में विशेषकर रात के समय अकेले जाने से बचें। अनावश्यक रूप से जलाशय के किनारे अथवा सुनसान स्थानों पर जाने से परहेज करें।
प्रशासन एवं सुरक्षाकर्मियों के निर्देशों का पालन करें:- पर्व के दौरान जलाशय एवं घाटों पर तैनात प्रशासनिक पदाधिकारियों, पुलिस बल, आपदा प्रबंधन कर्मियों एवं अन्य सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करें तथा सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करें। आपदा प्रबंधन शाखा, रोहतास द्वारा आमजन से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति, मगरमच्छ दिखाई देने अथवा किसी अप्रिय घटना की सूचना मिलने पर स्वयं जोखिम न लें और तत्काल जिला प्रशासन को सूचित करें। किसी भी आपात स्थिति में जिला आपातकालीन संचालन केन्द्र (DEOC), रोहतास के हेल्पलाइन नंबर 06184-226093 पर संपर्क किया जा सकता है। जिला प्रशासन द्वारा आमजन से अपील की गई है कि जीवित्पुत्रिका पर्व को सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण वातावरण में मनाएं तथा अपनी, अपने परिवार एवं आसपास के लोगों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। जलाशयों एवं अन्य जलस्रोतों के संबंध में जारी सुरक्षा निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचें।