नवबिहार टाइम्स संवाददाता
मसौढ़ी। गुड फ्राइडे के अवसर पर मसौढ़ी स्थित गिरजाघर में श्रद्धा और शोक के साथ प्रभु Jesus Christ के बलिदान दिवस को मनाया गया। इस मौके पर क्रूस यात्रा निकालकर उनके सूली पर चढ़ाए जाने की घटना का जीवंत मंचन किया गया।
गुड फ्राइडे के अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालु गिरजाघर में एकत्र हुए और प्रार्थना कर प्रभु यीशु को याद किया। यह दिन ईसाई धर्म में त्याग, बलिदान और आत्मचिंतन के रूप में मनाया जाता है, इसलिए इसे खुशी के बजाय शोक और शांति के साथ मनाया जाता है।
क्रूस यात्रा के दौरान एक व्यक्ति ने प्रभु यीशु का रूप धारण कर क्रूस को अपने कंधों पर उठाया, जिससे उस ऐतिहासिक क्षण को सजीव रूप दिया गया। इस भावुक प्रस्तुति को देखकर कई श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं।
कार्यक्रम के दौरान प्रभु यीशु के ‘सात वचनों’ का पाठ भी किया गया। मौके पर उपस्थित फादर अस्थि ने कहा कि यह दिन प्रभु यीशु के त्याग और मानवता के लिए दिए गए उनके सर्वोच्च बलिदान की याद दिलाता है। ईसाई समुदाय इस दिन को गंभीरता, शोक और आत्ममंथन के साथ मनाता है।
गौरतलब है कि गुड फ्राइडे को ‘ब्लैक फ्राइडे’ के रूप में भी जाना जाता है, क्योंकि इसी दिन प्रभु यीशु को सूली पर चढ़ाया गया था। ईसाई धर्मावलंबी सदियों से इस दिन को शोक दिवस के रूप में मनाते आ रहे हैं।
मसौढ़ी में भी इस अवसर पर ईसाई समुदाय के लोगों ने शोक संकल्प दिवस मनाते हुए क्रूस यात्रा निकाली और मानवता के लिए प्रभु यीशु के बलिदान को याद किया।