उत्तर कोयल नहर जलाशय परियोजना से संबंधित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। आज मुख्य सचिव, बिहार की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उत्तर कोयल नहर जलाशय परियोजना (NKRP) से संबंधित निर्माण कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। उक्त बैठक में एनआईसी सभा कक्ष, औरंगाबाद से जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा, अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी उपेंद्र पंडित, वरीय उप समाहर्ता रितेश कुमार यादव सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।
गौरतलब है कि उत्तर कोयल जलाशय परियोजना झारखंड राज्य से प्रारंभ होकर बिहार के औरंगाबाद जिले के नवीनगर, कुटुम्बा, देव, औरंगाबाद एवं मदनपुर प्रखंडों से होकर गया जिले में प्रवेश करती है तथा यह एक महत्वाकांक्षी सिंचाई परियोजना है। इस परियोजना के अंतर्गत कुल 09 पैकेज (पैकेज–03 से पैकेज–11 तक) सम्मिलित हैं, जिनकी कुल लंबाई 77.69 कि०मी० है, जिसमें से लगभग 12 कि०मी० गया जिले में तथा शेष 61.69 कि०मी० औरंगाबाद जिले में अवस्थित है। परियोजना की प्रगति की नियमित एवं सतत समीक्षा मुख्य सचिव, बिहार, पटना द्वारा की जा रही है।
बैठक के दौरान विभिन्न कार्यान्वयन एजेंसियों द्वारा संचालित कार्यों की प्रगति का नक्शा एवं पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से विस्तृत अवलोकन किया गया तथा मुख्य सचिव द्वारा सभी एजेंसियों को निर्धारित समयसीमा के अनुरूप कार्यों में तेजी लाने, गुणवत्ता सुनिश्चित करने एवं उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग करने का सख्त निर्देश दिया गया।
समीक्षा के क्रम में यह अवगत कराया गया कि पिछले 07 दिनों में परियोजना की भौतिक प्रगति 2.05 प्रतिशत दर्ज की गई है तथा कुल भौतिक प्रगति 31.17 प्रतिशत है, जबकि संरचना एवं लाइनिंग कार्य सहित कुल प्रगति 57.09 प्रतिशत है। पैकेज-03 में 77.49 प्रतिशत, पैकेज-04 में 87.00 प्रतिशत, पैकेज-05 में 63.23 प्रतिशत, पैकेज-06 में 63.87 प्रतिशत, पैकेज-07 में 1.09 प्रतिशत, पैकेज-08 में 53.38 प्रतिशत, पैकेज-09 में 39.51 प्रतिशत तथा पैकेज-11 में 58.73 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई है, जबकि पैकेज-10 में कार्य प्रारंभिक स्तर पर है।
परियोजना के विभिन्न पैकेजों में आवश्यक मशीनरी जैसे एक्स्कावेटर, कम्पेक्टर, लाइनिंग पेवर एवं डंपर आदि की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है तथा मानवबल की उपलब्धता को भी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, वर्तमान में मशीनरी की उपलब्धता लगभग 63.10 प्रतिशत एवं मानवबल की उपलब्धता लगभग 39.96 प्रतिशत दर्ज की गई है। भूमि अधिग्रहण की स्थिति की समीक्षा में बताया गया कि औरंगाबाद जिले में कुल 41.251 हेक्टेयर भूमि के विरुद्ध 37.5567 हेक्टेयर भूमि अर्जित की जा चुकी है तथा शेष भूमि का अधिग्रहण विभिन्न प्रक्रियाओं के तहत प्रगति पर है।
बिहार भूमि लीज नीति 2014 के अंतर्गत 70 रैयतों में से 28 रैयतों का निबंधन पूर्ण कर लिया गया है तथा शेष 42 रैयतों का निबंधन प्रक्रियाधीन है, जिसे शीघ्र पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। गया जिले में कुल 96.749 हेक्टेयर भूमि के विरुद्ध 88.045 हेक्टेयर भूमि अर्जित की जा चुकी है तथा शेष भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
व्यय की समीक्षा में बताया गया कि भूमि अधिग्रहण मद में कुल 51.44 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं तथा WAPCOS द्वारा आवंटित राशि के विरुद्ध कार्य व्यय का पूर्ण उपयोग किया गया है। इसके अतिरिक्त वितरण प्रणाली के लिए निविदा प्रक्रिया प्रगति पर है तथा शेष कार्यों के लिए प्राक्कलन तैयार कर आवश्यक अनुपालन हेतु निर्देश दिए गए हैं।
साथ ही आरएमसी के किमी 64.150 पर गेट स्थापना कार्य प्रारंभ किया जा चुका है तथा 30 करोड़ रुपये की मदर स्वीकृति हेतु प्रस्ताव केंद्रीय जल आयोग को प्रेषित किया गया है।
बैठक के अंत में मुख्य सचिव द्वारा सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए भूमि अधिग्रहण, निविदा प्रक्रिया एवं निर्माण कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया गया, ताकि इस महत्वपूर्ण परियोजना को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण किया जा सके।