यातायात चालान निपटाने के लिए विशेष कैंप की व्यवस्था
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, राजीव रंजन कुमार ने आगामी 09 मई 2026 को आयोजित होने वाले द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विस्तृत जानकारी दी। यह प्रेस वार्ता जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सभागार में आयोजित की गई, जिसमें प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
प्रधान जिला जज ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए न्यायालय में लंबित सभी सुलहनीय वादों के पक्षकारों को संबंधित थानों के माध्यम से नोटिस भेजे जा चुके हैं। इसके साथ ही प्राप्त मोबाइल नंबरों पर भी उन्हें लोक अदालत के दिन उपस्थित रहने की सूचना दी गई है।
उन्होंने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से सुलहनीय मामलों का त्वरित एवं सरल निस्तारण संभव है। पूर्व में आयोजित लोक अदालतों में औरंगाबाद जिला का प्रदर्शन बेहतर रहा है, विशेषकर पारिवारिक मामलों के निपटारे में जिला राज्य स्तर पर अग्रणी रहा है। इस बार भी बेहतर परिणाम की उम्मीद जताई गई है।
प्रधान जिला जज ने मीडिया के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि व्यापक प्रचार-प्रसार के कारण अधिक से अधिक लोगों तक लोक अदालत की जानकारी पहुंच रही है, जिससे सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है। उन्होंने संवाददाताओं से आगे भी सहयोग बनाए रखने की अपील की।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सरकार द्वारा लागू एकमुश्त यातायात चालान निष्पादन योजना 2026 के तहत चालान राशि में 50 प्रतिशत तक की छूट का प्रावधान है। इसके लिए न्यायालय परिसर में विशेष व्यवस्था की जा रही है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
प्राधिकार की सचिव तान्या पटेल ने बताया कि अब तक 2904 लंबित सुलहनीय वादों की पहचान की गई है, जिनमें से 45 मामलों में निस्तारण के लिए सहमति प्राप्त हो चुकी है। साथ ही 400 से अधिक मामलों के निपटारे का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उन्होंने बताया कि प्री-लिटिगेशन के तहत 5170 से अधिक बैंक ऋण से संबंधित मामलों में नोटिस जारी किए गए हैं, जिनमें से 1500 से अधिक मामलों के निस्तारण का लक्ष्य रखा गया है।
इस बार राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए कुल 14 बेंचों का गठन किया गया है। इनमें व्यवहार न्यायालय, औरंगाबाद के लिए 11 बेंच तथा अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय, दाउदनगर के लिए 3 बेंच शामिल हैं। दाउदनगर में ऋण संबंधी मामलों के निपटारे के लिए अलग से व्यवस्था की गई है।
अंत में प्रधान जिला जज ने जिला वासियों से अपील की कि वे राष्ट्रीय लोक अदालत का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपने लंबित मामलों का आपसी सुलह के माध्यम से निस्तारण कराएं।